फर्रुखाबाद: 24 घंटे में 6.70 लाख की लूट का खुलासा, 6 शातिर गिरफ्तार
फर्रुखाबाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर 6.70 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का खुलासा किया। 6 आरोपी गिरफ्तार, नकदी और हथियार बरामद। एसपी ने टीम को इनाम दिया।
फर्रुखाबाद जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा अपनाई गई 'जीरो टॉलरेंस' नीति का असर धरातल पर दिखने लगा है। कायमगंज थाना क्षेत्र में मुनीम से हुई 6.70 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने महज 24 घंटे के भीतर इस मामले को सुलझाकर अपराधियों की कमर तोड़ दी है। इस सफलता के लिए पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से मिली बड़ी कामयाबी
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया। एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने कायमगंज क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। इन फुटेज के विश्लेषण से आरोपियों के भागने के सटीक रूट की पहचान हुई, जो जांच की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित हुआ। मुखबिरों से प्राप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के मेल ने पुलिस को अपराधियों के ठिकाने तक पहुँचाने में मदद की।
गिरफ्तार आरोपियों और बरामदगी का विवरण
पुलिस ने इस मामले में कुल 06 शातिर अपराधियों को दबोचने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान उत्तम शुक्ला, मिथुन सक्सेना, बॉबी, विकास कश्यप उर्फ विक्की बाथम, अभय सक्सेना और अंग्रेज उर्फ राजकुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई पूरी रकम यानी 6,70,000 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा, घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, 07 मोबाइल फोन और 315 बोर का एक अवैध तमंचा व जिंदा कारतूस भी पुलिस के कब्जे में है।
घटना की पृष्ठभूमि और कानूनी कार्रवाई
पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने 27 अगस्त 2026 की शाम को सत्यप्रकाश की गोदाम के गेट के सामने मुनीम को अपना निशाना बनाया था। उन्होंने मुनीम पर हमला कर रुपयों से भरी बोरी लूट ली और मौके से फरार हो गए थे। पकड़े गए अभियुक्तों में से विकास कश्यप का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है, जो उसकी आदतन अपराधी प्रवृत्ति को दर्शाता है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310(2)/317(3) और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
इस त्वरित कार्रवाई से आम जनमानस में पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों में कानून का डर फिर से कायम हुआ है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने स्पष्ट किया है कि फर्रुखाबाद में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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