अलीगढ़ मंडल में विकास कार्यों की समीक्षा: आयुक्त के कड़े निर्देश
अलीगढ़ मंडल की विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में आयुक्त संगीता सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
अलीगढ़ मंडल में विकास कार्यों की गति को तेज करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से कमिश्नरी सभागार में एक महत्वपूर्ण मण्डलीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मण्डलायुक्त संगीता सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के प्रदर्शन का बारीकी से आकलन किया गया और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग पर विशेष जोर दिया गया। जुलाई माह में कासगंज और अलीगढ़ की रैंकिंग में सुधार की आवश्यकता जताते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सक्रियता लाने के निर्देश दिए। छात्रवृत्ति योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में स्पष्ट किया गया कि किसी भी पात्र छात्र को तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही के कारण लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों और डायट प्राचार्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने हाथरस जिले के एचपीवी वैक्सीन टीकाकरण अभियान की सराहना की, जहां शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। उन्होंने अन्य जिलों को भी इसी तरह के अनुकरणीय प्रयास करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एडी हेल्थ को सभी जिलों में ऑडियोमेट्रिस की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इससे मूक-बधिर दिव्यांगों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आगरा जैसे दूरस्थ शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
वृक्षारोपण अभियान के संदर्भ में आयुक्त ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल का सुझाव दिया। उन्होंने पॉलीथीन के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित करने और पौधों को सुरक्षित रखने के लिए केले के पत्तों या अन्य बायोडिग्रेडेबल पदार्थों का उपयोग करने का परामर्श दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नर्सरी उसी ग्राम पंचायत के भीतर तैयार की जाए जहां वृक्षारोपण किया जाना है, ताकि पौधों के परिवहन में होने वाली क्षति को रोका जा सके।
शिक्षा और प्रशासनिक सुधार
शिक्षा विभाग की समीक्षा में जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। मण्डलायुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि जर्जर अवस्था वाले किसी भी परिषदीय विद्यालय में बच्चों को बैठाकर अध्यापन न कराया जाए। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन भवनों का तत्काल ध्वस्तीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में विभिन्न जिलों द्वारा की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया और इसे और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का गुणवत्तापरक समाधान ही शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने असंतोषजनक फीडबैक वाले विभागों के अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार करने की चेतावनी दी। बैठक में सर्किट हाउस के विस्तारीकरण, फार्मर रजिस्ट्री में भूमि विवरण अपडेट करने, सामूहिक विवाह योजना के सफल संचालन और सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल जोन के लिए भूमि चयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जेडीसी मंशाराम यादव, अपर आयुक्त अखिलेश कुमार सहित मंडल के सभी जिलाधिकारी और वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का संकल्प लिया।
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