जलेसर डिपो परियोजना को मिली रफ्तार: ग्राम गुदाऊ में डीजल डिपो का रास्ता साफ
एटा जिलाधिकारी की सक्रियता से जलेसर के ग्राम गुदाऊ में रिलायंस के डीजल टैंक डिपो निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी, विकास कार्यों को मिली नई गति।
एटा जनपद में औद्योगिक विकास और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के नेतृत्व में जलेसर तहसील के ग्राम गुदाऊ में प्रस्तावित डीजल टैंक डिपो परियोजना को अब आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त हो गया है। इस निर्णय से क्षेत्र में न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की प्रबल संभावना है।
प्रशासनिक सक्रियता और अंतर-विभागीय समन्वय
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कार्यभार संभालने के बाद से ही जनपद में लंबित विकास परियोजनाओं की समीक्षा को प्राथमिकता दी है। उनका मुख्य उद्देश्य विभागीय समन्वय को मजबूत करना है ताकि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी न हो। इसी नीति के तहत, जलेसर डिपो परियोजना से संबंधित फाइलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपनी विभागीय रिपोर्ट और आपत्तियां समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें, ताकि परियोजना में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।
इस प्रक्रिया में कई विभागों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परियोजना की जटिलताओं को देखते हुए निम्नलिखित विभागों से समन्वय स्थापित किया गया:
- दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड: विद्युत सुरक्षा और आपूर्ति संबंधी अनापत्ति।
- लोक निर्माण विभाग: निर्माण खंड-एक द्वारा सड़क और पहुंच मार्ग संबंधी तकनीकी रिपोर्ट।
- जिला पंचायत एटा: स्थानीय निकायों से संबंधित औपचारिकताओं का पूर्ण होना।
- उप जिलाधिकारी जलेसर: भूमि अधिग्रहण और क्षेत्रीय अनुमतियों का त्वरित निस्तारण।
इन सभी विभागों से प्राप्त सकारात्मक आख्याओं के उपरांत, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को डीजल टैंक डिपो स्थापित करने के लिए विधिवत अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।
औद्योगिक विकास की नई दिशा
ग्राम गुदाऊ में डीजल टैंक डिपो की स्थापना एटा जनपद के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह न केवल रसद और ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा, बल्कि जलेसर क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य में भी सुधार लाएगा। जिलाधिकारी के अनुसार, जनपद में विकास की गति को बनाए रखने के लिए ऐसी परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अनिवार्य है।
प्रशासन का यह प्रयास है कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भविष्य में भी किसी भी विकास परियोजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे फाइल प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाएं ताकि निवेशकों को अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें।
जनहित और भविष्य की कार्ययोजना
परियोजना के धरातल पर उतरने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। डीजल डिपो के निर्माण के दौरान और उसके संचालन के बाद स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त, ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से क्षेत्र में परिवहन और कृषि संबंधित कार्यों में भी सुगमता आएगी।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह का यह दृष्टिकोण कि 'विकास ही प्राथमिकता है', एटा जनपद में एक सकारात्मक संदेश दे रहा है। प्रशासन की इस कार्यकुशलता से अन्य लंबित परियोजनाओं के भी जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। ग्राम गुदाऊ में डीजल डिपो का कार्य शुरू होना इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो जटिल से जटिल परियोजनाओं को भी समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकता है।
अंततः, यह पहल एटा को औद्योगिक नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगी। प्रशासन अब आगामी परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि जनपद का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके और आमजन को इसका लाभ मिल सके।
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