एटा में अवैध खनन पर प्रशासन सख्त, ट्रैक्टर-लोडर पर ₹2 लाख का जुर्माना
एटा में बिना अनुमति मिट्टी खनन करने वाले ट्रैक्टर-लोडर संचालक पर जिलाधिकारी ने ₹2 लाख का भारी अर्थदण्ड लगाया है। अवैध खनन पर प्रशासन की सख्ती जारी।
जनपद एटा में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है। हाल ही में घटित एक मामले में, बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के मिट्टी का अवैध खनन और परिवहन करने वाले एक ट्रैक्टर-लोडर संचालक के विरुद्ध भारी अर्थदण्ड की कार्यवाही की गई है। यह कदम जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली के उन सख्त निर्देशों का हिस्सा है, जिसके तहत जिले में किसी भी स्तर पर अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यवाही का विवरण और पृष्ठभूमि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में पुलिस द्वारा नियमित चेकिंग के दौरान एक ट्रैक्टर-लोडर को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। जांच के दौरान पाया गया कि उक्त वाहन चालक के पास न तो मिट्टी खनन का वैध लाइसेंस था और न ही परिवहन के लिए कोई सक्षम अनुमति पत्र। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने वाहन को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया। खान निरीक्षक, एटा द्वारा इस वाहन को अग्रिम आदेशों तक थाना कोतवाली देहात की अभिरक्षा में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।
वाहन संख्या UP 82 AQ 7656 के माध्यम से साधारण मिट्टी के अवैध खनन का यह मामला उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) (यथा संशोधित) नियमावली-2021 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन था। नियमावली के नियम-3 एवं नियम-58 के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने वाहन स्वामी पर ₹2,00,000/- (दो लाख रुपये) का भारी-भरकम अर्थदण्ड आरोपित किया है।
प्रशासन की चेतावनी और भविष्य की रणनीति
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने इस कार्यवाही के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद की सीमा में बिना अनुमति के खनन या उपखनिजों का अवैध परिवहन किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह पर्यावरण के संतुलन को भी बिगाड़ता है।
प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही नीति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सतत निगरानी: जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस और खान विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा निरंतर गश्त बढ़ाई जाएगी।
- कठोर दंडात्मक कार्यवाही: नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन स्वामी के विरुद्ध नियमानुसार अधिकतम अर्थदण्ड और कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
- अधिकारियों की जवाबदेही: संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध खनन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें और सूचना मिलते ही त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें।
यह कार्यवाही इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे यदि अपने क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन या परिवहन की गतिविधियों को देखें, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा ऐसी धरपकड़ और अधिक व्यापक स्तर पर की जाएगी, ताकि खनन माफियाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। प्रशासन की यह सख्ती उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो सरकारी नियमों को दरकिनार कर अवैध रूप से संसाधनों का दोहन कर रहे हैं।
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