कंपिल: ई-रिक्शा में महिलाओं का गैंग सक्रिय, पर्स चोरी के आरोपी गिरफ्तार
कंपिल में ई-रिक्शा में सवार होकर महिलाओं के पर्स से नकदी और गहने उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश। पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए तीन आरोपियों को दबोचा।
कंपिल पुलिस ने एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ई-रिक्शा में सवारी बनकर यात्रियों को अपना निशाना बनाता था। हाल ही में हुई एक घटना में, दो बहनों के पर्स से सोने के कुंडल, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था, जिसमें महिलाएं सवारी के रूप में ई-रिक्शा में बैठती थीं और मौका मिलते ही कीमती सामान पर हाथ साफ कर देती थीं।
घटना के विवरण के अनुसार, शाहजहांपुर जिले के कलान थाना क्षेत्र के नयागांव निवासी अभिषेक अपनी दो बहनों रूपवती और पार्वती को लेकर ई-रिक्शा से घर जा रहे थे। जब ई-रिक्शा कंपिल चौराहे के पास मंदिर के निकट पहुंचा, तो दो अनजान महिलाएं उसमें सवार हो गईं। उन्होंने खुद को सामान्य यात्री बताते हुए अपनी मंजिल कलान बताई। ई-रिक्शा जैसे ही इकलहरा गांव के पास पहुंचा, महिलाओं ने एक सुनियोजित बहाना बनाया। उन्होंने पीछे से बाइक आने का शोर मचाकर ई-रिक्शा रुकवा दिया और तुरंत उतर गईं।
सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
महिलाओं के उतरने के बाद जब अभिषेक की बहनों ने अपने पर्स की जांच की, तो उनके होश उड़ गए। पर्स में रखे सोने के कुंडल, पांच हजार रुपये की नकदी और आधार कार्ड गायब थे। पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में साफ देखा गया कि महिलाओं के उतरने के बाद एक बाइक वहां पहुंची, जिस पर सवार होकर वे फरार हो गईं।
पुलिस ने इस मामले में गहन जांच करते हुए तीन आरोपियों को दबोचने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रवीना पत्नी सुशील, उषा पत्नी बच्चू (दोनों निवासी सरानी, थाना अवागढ़, एटा) और गौतम पुत्र जगन सिंह (निवासी दिउरिया, थाना पुवायां, शाहजहांपुर) के रूप में हुई है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये की नकदी बरामद की है, जो संभवतः अन्य वारदातों से जुड़ी हो सकती है।
कानूनी कार्रवाई और अन्य आरोपियों की तलाश
थानाध्यक्ष नितिन कुमार चौधरी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं जिनकी पहचान कर ली गई है। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
यह मामला सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए एक चेतावनी है। अपराधियों ने अब ई-रिक्शा जैसे साधनों को अपना नया ठिकाना बना लिया है, जहां भीड़ कम होने के कारण वे आसानी से वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सफर के दौरान अपने कीमती सामान और पर्स के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय अन्य अपराधी तत्वों में हड़कंप मच गया है और पुलिस प्रशासन ने गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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