कायमगंज में 52 घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
कायमगंज में 52 घंटे की लगातार बारिश से शहर जलमग्न, बिजली-नेटवर्क ठप और करोड़ों के नुकसान की आशंका। जानिए क्या है ताजा हालात और प्रशासन की तैयारी।
कायमगंज में शुक्रवार तड़के शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले 52 घंटों से पूरे जनजीवन को थाम कर रख दिया है। रविवार तक जारी रही इस बारिश के कारण शहर के अधिकांश मोहल्ले जलमग्न हो चुके हैं। सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और मुख्य मार्गों पर आवागमन पूरी तरह बाधित है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घरों और दुकानों के भीतर पानी भर जाने से लोगों को अपना जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
अंधेरे में डूबा शहर और बिजली का संकट
लगातार बारिश के चलते शुक्रवार दोपहर से ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। रूटोल पावर हाउस में पानी भर जाने से मशीनें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिसके कारण बिजली विभाग को आपूर्ति बहाल करने में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्वर्टर और बैटरी भी जवाब दे गए हैं, जिससे कई वर्षों बाद शहर के लोगों को रात के अंधेरे से निपटने के लिए मोमबत्ती और लैंप का सहारा लेना पड़ रहा है। बिजली न होने का सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है, जिससे घरों की पानी की टंकियां खाली हो चुकी हैं।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान
लालकुआं रोड स्थित वर्मा मार्केट में जलभराव की स्थिति भयावह है। वहां दुकानों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है, जिससे कपड़े, मिठाई और इलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान का डर सता रहा है। वहीं, ढूंढ गढ़ गांव में एक फर्नीचर गोदाम के बेसमेंट में पानी घुसने से प्लाईवुड और अन्य कीमती सामान पूरी तरह डूब गया है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। नोनियमगंज में स्थिति और भी विकट है, जहां कई मकानों के बेसमेंट में आठ फीट तक पानी जमा हो गया है।
बुनियादी सेवाओं पर बुरा असर
- नेटवर्क की समस्या: बिजली गुल होने और तकनीकी खराबी के चलते मोबाइल नेटवर्क ठप है, जिससे लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क कट गया है।
- परिवहन सेवा: बैटरी चार्ज न होने के कारण ई-रिक्शा सड़कों के किनारे खड़े हैं, जिससे स्थानीय आवाजाही पूरी तरह बंद है।
- इमारतों को खतरा: सधवाड़ा मोहल्ले में एक कच्चा मकान ढह गया है, वहीं एसएनएम इंटर कॉलेज की बाउंड्री वॉल भी गिर गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति
नगर के अलावा ग्रामीण इलाकों, विशेषकर पितौरा की बंजारा बस्ती में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ है। खेतों में पानी भरने से फसलों को व्यापक नुकसान की आशंका है, जिससे किसान वर्ग में गहरी चिंता है। नगरपालिका की टीमें पंपिंग सेट के जरिए पानी निकालने का काम कर रही हैं, लेकिन निरंतर हो रही बारिश उनके राहत प्रयासों में बाधा उत्पन्न कर रही है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कमजोर इमारतों के पास न जाने की सलाह दी है। फिलहाल, शहरवासी बारिश के थमने और राहत मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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