कायमगंज में 40 घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कें बनीं तालाब
कायमगंज में 40 घंटे से जारी बारिश से जलभराव, फसलों को नुकसान और सड़कों पर गड्ढे। प्रशासन से राहत और जल निकासी के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग।
कायमगंज क्षेत्र में पिछले 40 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है। लगातार गिरते पानी और करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है, जिससे पारा 21 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। इस बेमौसम बरसात ने न केवल शहरी व्यवस्थाओं को चरमरा दिया है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में किसानों के लिए भी एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है।
जलभराव और बदहाल सड़कें
शहर के निचले इलाकों में स्थिति सबसे अधिक गंभीर है। कोतवाली क्षेत्र, रेलवे रोड, गंगादरवाजा, भूसा मंडी, नुनहाई मार्ग, पटवनगली, नोनियमगंज और तहसील रोड जैसी प्रमुख सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं। सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों का चलना दूभर हो गया है। दिल्ली रोड बस स्टैंड के पास जलभराव के कारण एक ई-रिक्शा के पलटने की घटना सामने आई है, जिससे राहगीरों में भय का माहौल है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने सड़क सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। इसके अतिरिक्त, बजरिया बेगराज क्षेत्र में एक गली धंसने से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया है, जो किसी बड़े खतरे को न्योता दे रहा है।
फसलों को भारी नुकसान
कृषि प्रधान क्षेत्र होने के नाते कायमगंज के किसानों पर इस बारिश की सबसे गहरी मार पड़ी है। खेतों में पानी भर जाने के कारण धान और गन्ने की तैयार फसलें जमीन पर बिछ गई हैं, जिससे उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। इसके साथ ही, अगेती आलू, सरसों और मौसमी हरी सब्जियों की बुवाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों का मानना है कि यदि जल निकासी की व्यवस्था समय रहते नहीं की गई, तो फसलों को पूरी तरह बर्बाद होने से बचाना नामुमकिन होगा।
बाजार और जनसुविधाओं पर असर
लगातार बारिश के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा है। सब्जी मंडी में माल की आवक कम होने से आम लोगों को महंगाई और उपलब्धता की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हुई है। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था में आए व्यवधान ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। घरेलू कामकाज और व्यापारिक गतिविधियां ठप होने से शहर की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर दिख रहा है।
प्रशासन से तत्काल राहत की मांग
स्थानीय नागरिकों और किसान संगठनों ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है। प्रमुख मांगे निम्नलिखित हैं:
- प्रभावित क्षेत्रों से पानी की तत्काल निकासी के लिए पंपिंग मशीनों का उपयोग।
- धंसी हुई सड़कों और गड्ढों की बैरिकेडिंग कर उन्हें तत्काल दुरुस्त करना।
- प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा प्रदान करना।
- संबंधित विभागों की टीमों को जमीनी स्तर पर तैनात करना।
प्रशासन ने भी स्थिति को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतें। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और राहत कार्यों के लिए टीमें गठित की जा रही हैं।
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