मैनपुरी बिजली विभाग पर डीएम सख्त: ट्रांसफार्मर और आपूर्ति पर दिए कड़े निर्देश
मैनपुरी डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बिजली विभाग की समीक्षा में ट्रांसफार्मर बदलने, सिंचाई आपूर्ति और बिलिंग समस्याओं के समाधान के लिए सख्त निर्देश जारी किए।
मैनपुरी के जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने हाल ही में विद्युत विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में बिजली आपूर्ति की स्थिति को सुधारना और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना था। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि विद्युत व्यवस्था में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यप्रणाली में सुधार लाएं ताकि किसानों और आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
ट्रांसफार्मर और सिंचाई आपूर्ति पर विशेष जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खराब ट्रांसफार्मरों की समस्या पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिलने के 48 घंटे के भीतर उसे अनिवार्य रूप से बदला जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और इस कार्य के नाम पर किसी भी उपभोक्ता से अवैध वसूली न की जाए। यदि कोई भी कर्मचारी इसमें संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में धान की फसल के लिए सिंचाई की अत्यधिक आवश्यकता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने कृषि क्षेत्र के लिए समर्पित (डेडिकेटेड) फीडरों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि फीडरों पर प्रतिदिन कम से कम 10 घंटे बिजली की उपलब्धता होनी चाहिए ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
बिलिंग और मीटर संबंधी शिकायतों का समाधान
स्मार्ट मीटर और अनियंत्रित बिजली बिलों को लेकर मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने विशेष विद्युत समाधान कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 15 दिन का एक विस्तृत रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से उपभोक्ताओं की बिलिंग संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा सके। साथ ही, मीटर और बिलों की वास्तविक स्थिति की रैंडम जांच करने के लिए अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंताओं, उप खंड अधिकारियों और अवर अभियंताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
अभियान और प्रशासनिक प्राथमिकताएं
कार्यप्रणाली में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले मीटर रीडरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। विभाग को अगले 15 दिनों तक एक विशेष अभियान चलाने को कहा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बड़े बकायेदारों से राजस्व की वसूली करना है। बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि नए फीडरों और विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण में आ रही भूमि संबंधी बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए। विशेष रूप से, फैजपुरा स्थित नए विद्युत सब स्टेशन को शीघ्र अति शीघ्र संचालित करने की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद है कि आने वाले समय में मैनपुरी की विद्युत व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
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