मैनपुरी: अवैध कब्जा करने वालों पर सख्त, भू-माफियाओं पर होगी कार्रवाई
मैनपुरी डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को भू-माफिया घोषित कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मैनपुरी जिले में प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। हाल ही में कोतवाली भोगांव में आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कड़े तेवर अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी और सार्वजनिक जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा के साथ जन-समस्याओं की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि चकरोड, विद्यालय, खलिहान, चारागाह, और तालाब जैसी सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करता है, तो उसे भू-माफिया के रूप में चिह्नित किया जाएगा। इसके साथ ही, यदि एक बार अतिक्रमण हटाने के बाद पुनः उस भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कठोर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। यह कदम प्रशासन की उस संवेदनशीलता को दर्शाता है जिसके तहत आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापरक निराकरण प्राथमिकता है।
त्वरित निस्तारण के निर्देश
थाना समाधान दिवस की महत्ता पर जोर देते हुए डीएम ने कहा कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जैसे ही शिकायत प्राप्त हो, एक संयुक्त टीम का गठन किया जाए और तुरंत मौके पर जाकर जांच पूरी की जाए। प्रयास यह होना चाहिए कि फरियादी को उसी दिन न्याय मिल सके, ताकि शासन-प्रशासन के प्रति आमजन का भरोसा और अधिक मजबूत हो सके।
भूमि विवाद और मेड़बंदी के मामले
सुनवाई के दौरान बृजेश कुमार सक्सेना नामक एक आवेदक ने राजस्व न्यायालय के आदेश के बावजूद मेड़ तोड़कर अवैध कब्जा करने की शिकायत की। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार भोगांव को तत्काल टीम गठित करने के आदेश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि मेड़ तोड़ने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को उसकी भूमि का वास्तविक मालिकाना हक पुनः प्राप्त कराना सुनिश्चित किया जाए।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्राथमिकताएं
कार्यक्रम के समापन पर, दोनों शीर्ष अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- अवैध शराब पर रोक: क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए और इसमें शामिल लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
- महिला सुरक्षा: महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए बिना किसी विलंब के त्वरित कार्रवाई की जाए।
- निगरानी: क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर नियमित रूप से निगरानी रखी जाए ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण बना रहे।
प्रशासन का यह रुख स्पष्ट करता है कि मैनपुरी में जनहित के कार्यों में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों पर आने वाले समय में और भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। पुलिस और राजस्व विभाग का आपसी समन्वय ही जिले में शांति और व्यवस्था बनाए रखने की धुरी साबित होगा।
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