मंडलायुक्त ने मेडिकल कॉलेज नर्सिंग कॉलेज परिसर एवं 43वीं वाहिनी पीएसी की जी+11 निर्माणाधीन परियोजनाओं का किया निरीक्षण
*मंडलायुक्त ने मेडिकल कॉलेज नर्सिंग कॉलेज परिसर एवं 43वीं वाहिनी पीएसी की जी+11 निर्माणाधीन परियोजनाओं का किया निरीक्षण*
एटा । मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल, अलीगढ़ संगीता सिंह ने जनपद भ्रमण के दौरान निर्माणाधीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराई जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। मंडलायुक्त ने सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा 43वीं वाहिनी पीएसी, एटा में जवानों हेतु लगभग 11.41 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए जा रहे 200 व्यक्तियों की क्षमता वाले जी+11 बैरक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण करते हुए अवशेष कार्य अभिलंब पूर्ण करते हुए परियोजना के शीघ्र हस्तांतरित करने के निर्देश दिए उन्होंने फायर सेफ्टी ऑफिसर से गहनता पूर्वक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली, बिजली फिटिंग के लिए अच्छी गुणवत्ता के तारों एवं उपकरणों का प्रयोग किया जाए , उन्होंने बिल्डिंग के एंट्री एवं एक्जिस्ट रास्तों का अवलोकन किया तथा आपात स्थिति में फायर हाइड्रेंट प्वाइंट उपलब्धता के संबंध में विस्तृत रूप से दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने परिसर के बाहर उपलब्ध खाली भूमि की साफ-सफाई कराकर सघन वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए, ताकि परिसर स्वच्छ एवं हरित वातावरण से युक्त हो सके। इसके उपरांत उन्होंने यूपीसीडको (UPSIDC0) द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेज, एटा परिसर में लगभग 9.84 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रहे नर्सिंग कॉलेज भवन का निरीक्षण किया, भवन का अवलोकन करते हुए उन्होंने दिव्यांगजन की सुविधा के लिए रैंप निर्माण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि निर्माण का कोई भी कार्य अधूरा न छोड़ा जाए तथा प्रत्येक कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि भवन में फायर सेफ्टी के सभी मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। फायर हाइड्रेंट सदैव क्रियाशील अवस्था में रहें, भवन में प्रवेश एवं निकास के लिए पृथक-पृथक व्यवस्था हो तथा अग्निशमन विभाग के अधिकारी स्थानीय लोगों एवं संबंधित कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव एवं सुरक्षा उपायों का नियमित प्रयोग हेतु प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि भवन हस्तांतरण से पूर्व जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति निर्माण कार्य का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। निरीक्षण के दौरान अथवा परीक्षण में यदि कोई कमी परिलक्षित होती है तो उसे तत्काल दूर कराकर ही भवन का हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे जनहित से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं दीर्घकाल तक उपयोगी एवं सुरक्षित सिद्ध हों। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने मंडलायुक्त महोदया को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा,निरीक्षण के दौरान संयुक्त विकास आयुक्त मंशाराम, कमांडेंट पीएससी वाहिनी संजीव बाजपेई,प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ0बलबीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेंद्र प्रसाद,डीएसटीओ प्रदीप कुमार सहित संबंधित कार्यदाई संस्था के अधिकारी गण आदि उपस्थित रहे।
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