मैनपुरी: लावारिस शव का सहारा बनी फाउंडेशन, पूरे रीति-रिवाज से किया 59वां अंतिम संस्कार
मैनपुरी: लावारिस शव का सहारा बनी फाउंडेशन, पूरे रीति-रिवाज से किया 59वां अंतिम संस्कार मैनपुरी (अजय किशोर) स्जिथानीय जिला अस्पताल में अचानक बेहोश होकर गिरने और डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बाद भी दम तोड़ने वाले एक अज्ञात व्यक्ति की पहचान 72 घंटे बाद भी नहीं हो सकी। कोतवाली पुलिस द्वारा शिनाख्त के प्रयास विफल रहने के बाद, पुलिस प्रशासन ने समाज सेवा में अग्रणी नेताजी सुभाष चंद्र बोस फाउंडेशन से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही संस्था के सदस्य तुरंत आगे आए और मृतक के परिजन की भूमिका निभाते हुए पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार संपन्न कराया। संस्था द्वारा किया गया यह 59वां लावारिस शव का अंतिम संस्कार था। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका मुख्य ध्येय केवल दाह संस्कार करना नहीं, बल्कि समाज में यह संदेश फैलाना है कि मानवता ही सर्वोपरि धर्म है। फाउंडेशन लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं और अन्य परिस्थितियों में मिलने वाले अज्ञात शवों का इसी तरह अंतिम संस्कार कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती आ रही है। स्थानीय निवासियों ने संस्था की इस संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना की है। इस सेवा कार्य के दौरान शैलू राठौर, अतुल सक्सेना, डॉ. अवनीश सृजन चौहान, अंचल तिवारी, चंचल दीक्षित, रोहित सक्सेना, डॉ. सुरेंद्र यादव, अनुभव सक्सेना, शिवम वर्मा, रितेश सैनी, सक्षम राजपूत सहित संस्था के कई सदस्य और शहर कोतवाली पुलिस की तरफ से अमित सैनी, ललित कुमार, अभिषेक कुमार, विकास आदि उपस्थित रहे।
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