मोदी की अपील पर साइकिल से समाधान दिवस पहुंचे डीडीओ, सांसद ने ट्रेन से किया दिल्ली सफर
मोदी की अपील पर साइकिल से समाधान दिवस पहुंचे डीडीओ, सांसद ने ट्रेन से किया दिल्ली सफर
फर्रुखाबाद/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण और पर्यावरण बचाने की अपील का असर अब जनपद फर्रुखाबाद में साफ दिखाई देने लगा है। जिले के अधिकारी और जनप्रतिनिधि अब खुद उदाहरण पेश करते हुए सादगी और संसाधनों के बेहतर उपयोग का संदेश दे रहे हैं। शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। जिला विकास अधिकारी श्याम प्रकाश तिवारी सरकारी वाहन छोड़कर अपने आवास से साइकिल चलाकर सीधे ऑफिसर्स क्लब स्थित संपूर्ण समाधान दिवस कार्यक्रम में पहुंचे। एक वरिष्ठ अधिकारी को साइकिल से कार्यक्रम स्थल पहुंचते देख वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। आमतौर पर अधिकारियों के काफिले और सरकारी वाहनों के बीच यह तस्वीर लोगों के लिए अलग और प्रेरक रही।
बताया गया कि डीडीओ आवास से ऑफिसर्स क्लब की दूरी लगभग एक किलोमीटर है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी उन्होंने अपनी सादगी बरकरार रखी और कलेक्ट्रेट में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए पैदल ही रवाना हुए। डीडीओ श्याम प्रकाश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील केवल आम जनता के लिए नहीं, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया और आगे भी कोशिश रहेगी कि आवास से कार्यालय आने-जाने के लिए ई-रिक्शा या साइकिल का इस्तेमाल करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य अधिकारी को फील्ड भ्रमण पर जाना होगा तो अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही वाहन से जाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे ईंधन की बचत के साथ सरकारी खर्च में भी कमी आएगी। वहीं फर्रुखाबाद के सांसद मुकेश राजपूत ने भी इस पहल को मजबूती दी है। आमतौर पर दिल्ली जाने के लिए निजी वाहन का उपयोग करने वाले सांसद इस बार कालिंद्री एक्सप्रेस से दिल्ली पहुंचे और उसी ट्रेन से वापस लौटे।
सांसद और अधिकारियों की यह पहल जिले में एक सकारात्मक संदेश दे रही है कि यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद बदलाव की शुरुआत करें, तो आम लोग भी उससे प्रेरित होकर ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। फर्रुखाबाद में सामने आई यह तस्वीर न केवल सरकारी कार्यशैली में बदलाव का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव की नींव बन सकती हैं। जिले में इस कदम की व्यापक सराहना हो रही है।