श्रमिकों को सलाम, आज का दिन उनके नाम

May 01, 2026 - 21:08
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श्रमिकों को सलाम, आज का दिन उनके नाम

श्रमिकों को सलाम, आज का दिन उनके नाम

कायमगंज /फर्रुखाबाद/ अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कायमगंज क्षेत्र में मानवता और सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। साहसी बालिका संस्था द्वारा ईंट-भट्टों पर रहने वाले मजदूरों और उनके परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं। संस्था के सदस्यों ने मजदूरों को कपड़े, साड़ियां, जूते, बच्चों के खिलौने और खाने-पीने का सामान देकर उनके चेहरे पर मुस्कान ला दी। खासतौर पर बच्चों में खिलौने और खाद्य सामग्री पाकर उत्साह देखने लायक था। इस मानवीय पहल से खुश होकर मजदूरों और उनके परिवारों ने संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ढेरों दुआएं दीं। इस मौके पर संस्था की सदस्य खुशबू मिश्रा ने बताया कि भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1 मई 1923 को मद्रास (अब चेन्नई) में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान द्वारा की गई थी।

 उन्होंने बताया कि उस समय मजदूरों की एकजुटता और संघर्ष के प्रतीक के रूप में पहली बार लाल झंडे का प्रयोग किया गया था। तब से हर वर्ष 1 मई को पूरे देश में श्रमिक दिवस मनाया जाता है, जो मजदूरों के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान संस्था की खुशबू मिश्रा, शिल्की मिश्रा, चिराग, दिव्या शाक्य, अंजू यादव और सायना खान सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से मौजूद रहे और सभी ने मिलकर इस सेवा कार्य को सफल बनाया। समाज सेवा की यह पहल बनी मिसाल कायमगंज में साहसी बालिका संस्था की यह पहल न केवल जरूरतमंदों के चेहरे पर खुशी लाई, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि अगर हर व्यक्ति थोड़ा-सा सहयोग करे, तो किसी का जीवन आसान बनाया जा सकता है।

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