विकास भवन के शताक्षी सभागार में छोटी नदियों के पुनरोद्धार पर मंथन

Feb 18, 2026 - 21:25
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विकास भवन के शताक्षी सभागार में छोटी नदियों के पुनरोद्धार पर मंथन

विकास भवन के शताक्षी सभागार में छोटी नदियों के पुनरोद्धार पर मंथन

एटा। जनपद की छोटी नदियों के पुनरोद्धार, संरक्षण एवं कायाकल्प को गति देने के उद्देश्य से विकास भवन स्थित शताक्षी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेन्द्र नारायण मिश्र की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य शासन की मंशानुसार लघु नदियों को पुनर्जीवित कर जल संरक्षण को सुदृढ़ करना, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मंडल स्तर पर प्रेषित की जाने वाली कार्ययोजना में प्रत्येक विभाग अपनी स्पष्ट भूमिका तय करते हुए ठोस, व्यवहारिक और समयबद्ध प्रस्ताव तैयार करे। उन्होंने कहा कि छोटी नदियों का संरक्षण भविष्य की जल सुरक्षा का आधार है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत डीपीओ आर्यन गौड़ ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से काक नदी की वर्तमान स्थिति, प्रवाह क्षेत्र, अतिक्रमण, गाद जमाव और संभावित पुनरोद्धार कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समन्वित प्रयासों से जलधारा पुनर्स्थापन, तट संरक्षण और वर्षाजल संचयन को बढ़ावा देकर नदी को पुनर्जीवित किया जा सकता है। चर्चा के दौरान नदी तट संरक्षण, अतिक्रमण हटाने, वृक्षारोपण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, गाद निकासी, जैव विविधता संरक्षण और जनजागरूकता अभियान चलाने जैसे बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि छोटी नदियों का पुनर्जीवन किसानों की सिंचाई, भूजल स्तर में वृद्धि, पशुपालन, मत्स्य पालन और ग्रामीण आजीविका से सीधे जुड़ा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि नदी तटों पर अतिक्रमण न करें, कूड़ा-करकट एवं अपशिष्ट जल नदियों में न डालें और जल संरक्षण अभियानों में सहयोग करें। बैठक के अंत में सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इसे जनपद में जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

बैठक में डीडी कृषि सुमित पटेल, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, अधिशासी अभियंता तुषार कांति राजन, नमामि गंगे परियोजना अधिकारी आर्यन गौड़, डिप्टी रेंजर संजीव कुमार, सहायक अभियंता जल निगम गौरव वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।