Farrukhabad News : लोहिया अस्पताल में हंगामा: पत्रकारों और उपचारिका पर गंभीर FIR

Farrukhabad News : लोहिया अस्पताल में हंगामा: पत्रकारों और उपचारिका पर गंभीर FIR

Jun 22, 2025 - 10:55
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Farrukhabad News : लोहिया अस्पताल में हंगामा: पत्रकारों और उपचारिका पर गंभीर FIR
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जिला अस्पताल लोहिया में कथित पत्रकारों और उपचारिका का आतंक, बुजुर्ग पिता को घर से निकालने का आरोप, दर्ज हुईं गंभीर धाराओं में FIR

फर्रुखाबाद। जिला अस्पताल लोहिया एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कथित पत्रकार आमोद तिवारी, जो स्वयं को प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी IANS से जुड़ा बताता है, पर गंभीर आरोप लगे हैं। आमोद तिवारी और उसके सहयोगियों—अंशुल राणा और अभय ठाकुर—पर बुजुर्ग पिता को घर से निकालने, धमकी देने और अवैध उगाही जैसे मामलों में थाना कादरीगेट में मुकदमा दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार, जिला अस्पताल में पिछले कई वर्षों से कथित पत्रकारों और एक विवादित उपचारिका बिदेह कुमारी द्वारा मिलकर उगाही और दबंगई का नेटवर्क चलाया जा रहा है। बिदेह कुमारी, जो खुद को आमोद तिवारी की पत्नी बताती हैं, अस्पताल में तैनात रहते हुए न केवल चिकित्सकों से अभद्रता करती रही हैं, बल्कि सरकारी काम करवाने के नाम पर लोगों से उगाही भी कर रही हैं।

★ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी बने निशाना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें बदनाम करने और डराने की कोशिश भी इस गैंग द्वारा की जाती रही है। बिदेह कुमारी के साथ आधा दर्जन जिले के माफिया तत्व भी सक्रिय हैं, जो पत्रकारों की आड़ में जिला अस्पताल लोहिया को अपना अड्डा बनाए हुए थे।

★ बुजुर्ग पिता ने कराया था मुकदमा तीन माह पूर्व आमोद तिवारी के बुजुर्ग पिता ने भी बेटे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें प्रताड़ना और संपत्ति के लिए मानसिक उत्पीड़न का आरोप शामिल है।

★ प्रशासन ने लिया संज्ञान पिछले एक सप्ताह में जिला अस्पताल में हुई कई घटनाओं के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। एसपी आरती सिंह के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस कथित पत्रकार गैंग पर शिकंजा कसा और मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

★ विशेष रिपोर्ट:** यह मामला न केवल पत्रकारिता के नाम पर हो रहे दुरुपयोग को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि कैसे कुछ तत्व सरकारी संस्थानों में अपनी पकड़ बनाकर आम जनता और कर्मचारियों को प्रताड़ित करते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस नेटवर्क को कितनी गहराई से तोड़ पाता है।