UP रिक्शा चालक को फर्जी शिक्षक बताकर 51 लाख 63 हजार की रिकवरी का नोटिस भेजा

UP रिक्शा चालक को फर्जी शिक्षक बताकर 51 लाख 63 हजार की रिकवरी का नोटिस भेजा

Dec 23, 2024 - 18:02
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UP रिक्शा चालक को फर्जी शिक्षक बताकर 51 लाख 63 हजार की रिकवरी का नोटिस भेजा

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UP के श्रावस्ती जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी शिक्षक बताकर एक रिक्शा चालक को 51 लाख 63 हजार रुपये की रिकवरी नोटिस थमा दी है। भुगतान न करने पर आरसी जारी कराते हुए वसूली की चेतावनी भी दी गई है।

एक सप्ताह में जमा कराने को कहा गया। यह सुनकर उसके परिवार के होश उड़ गए। कोतवाली भिनगा क्षेत्र के गांव गोड़पुरवा निवासी मनोहर यादव पुत्र ठाकुर प्रसाद दिल्ली में रहकर रिक्शा चलाता है। परिवार के लोग गांव में ही रहते हैं। कुछ दिन पहले ही वह घर आया है। शुक्रवार को डाकिया से मनोहर को एक पत्र मिला। गांव के कुछ लोगों को दिखाने पर पता चला कि वह पत्र जिला बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से भेजा गया है जो रिकवरी नोटिस है। इसमें उसे फर्जी शिक्षक बताया गया है और उसकी नियुक्ति समाप्त कर दी गई है। अब तक उसके द्वारा प्राप्त की गई धनराशि 51 लाख 63 हजार रुपये एक सप्ताह में जमा कराने को कहा गया।

यह सुनकर उसके होश उड़ गए। उसका कहना है कि वह निरक्षर है और दिल्ली में रिक्शा चलाता है। मनोहर को जारी की गई रिकवरी नोटिस में दावा किया गया है कि वह सुरेन्द्र प्रताप सिंह पुत्र बहादुर सिंह निवासी सीहमई कारीरात तहसील अकबरपुर अम्बेडकरनगर के फर्जी नाम व पते का प्रयोग कर बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन श्रावस्ती के जमुनहा ब्लाक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय नौव्वापुरवा में सहायक शिक्षक की नौकरी कर रहा था। कूटरचित अभिलेखों का प्रयोग कर नौकरी अर्जित करने की पुष्टि होने पर 14 जुलाई वर्ष 2020 में उसकी नियुक्ति समाप्त कर दी गई। 

 कोतवाली भिनगा में मामला दर्ज कराया गया। 12 दिसम्बर को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी की ओर से नोटिस जारी कर कथितरूप से बेसिक शिक्षा विभाग से फर्जी तरीके से नौकरी करते हुए प्राप्त की गई 51 लाख 63 हजार 53 रुपये एक सप्ताह में कोषागार में जमा कराने का निर्देश दिया गया। भुगतान न करने पर भू-राजस्व वसूली की तरह कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि पुलिस विवेचना के बाद जो लिस्ट आई है उसमें दिए गए नाम के हिसाब से कार्रवाई की गई है। बाबू को थाने भेजकर फिर नाम चेक करने को कहा गया है। यदि कमी हुई तो सुधार किया जाएगा लेकिन यदि विवेचना में पुलिस ने यही नाम दिया है तो मामले की पुष्टि करके ही कार्रवाई होगी।

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SuragBureau

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