राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: फर्रुखाबाद में बच्चों को दी स्वास्थ्य सीख
फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर डीएम ने बच्चों को कृमिनाशक दवा दी और स्वच्छता का महत्व समझाया। जानें इस जागरूकता अभियान की प्रमुख बातें।
फर्रूखाबाद जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विकासखंड बढ़पुर के प्राथमिक विद्यालय पपियापुर में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की और उन्हें स्वस्थ भविष्य के लिए स्वच्छता के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास तभी संभव है जब वे पूर्णतः स्वस्थ हों। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
स्वच्छता को दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान
जिलाधिकारी ने बच्चों को स्वच्छता का मंत्र देते हुए कहा कि सफाई को केवल एक अभियान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने बच्चों को निम्नलिखित आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया:
- भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ धोना।
- अपने नाखून छोटे और साफ रखना।
- स्वच्छ पेयजल का ही सेवन करना और हमेशा साफ भोजन करना।
- अपने घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना।
उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने परिवार और पड़ोसियों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें, क्योंकि छोटी-छोटी सावधानियां कई गंभीर बीमारियों को दूर रखने में कारगर साबित होती हैं।
कृमि संक्रमण से बचाव और स्वास्थ्य सुरक्षा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनन्द उपाध्याय ने कृमि संक्रमण के दुष्प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि पेट में पलने वाले कृमि बच्चों के शारीरिक विकास में बाधा डालते हैं और उन्हें कमजोर बनाते हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होती हैं, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता भी प्रभावित होती है। डॉ. उपाध्याय ने जोर देकर कहा कि स्वच्छ हाथ, साफ नाखून और सुरक्षित खानपान संक्रमण से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और योग की झलक
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के बच्चों ने स्वागत गीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने योग के विभिन्न आसनों का प्रदर्शन कर अपनी शारीरिक दक्षता का परिचय दिया। जिलाधिकारी ने बच्चों के अनुशासन और योग प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंत में, स्वास्थ्य विभाग की टीम और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों ने अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को घर पर भी स्वच्छता और स्वस्थ आदतों के लिए प्रेरित करना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. माथुर सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी और विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
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