आलू किसानों की बदहाली पर किसान नेता अजय अनमोल ने कृषि मंत्री से की मुलाकात
किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को आलू किसानों की समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा।
हाल ही में नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों के सामने आ रही गंभीर चुनौतियों और उनकी बदहाली को सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुँचाना था। किसान नेता ने न केवल समस्याओं को विस्तार से रखा, बल्कि उनके समाधान के लिए एक औपचारिक मांग पत्र भी सौंपा।
सीड बिल और उच्च स्तरीय चर्चा
यह मुलाकात 10 सितंबर 2026 को आयोजित उस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान हुई, जिसे केंद्रीय कृषि मंत्री ने 'सीड बिल' के प्रारूप पर चर्चा और सुझाव आमंत्रित करने के लिए बुलाया था। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के चुनिंदा किसान नेताओं को आमंत्रित किया गया था, जिनमें अजय अनमोल भी शामिल थे। बैठक के दौरान अनमोल ने कृषि मंत्री के समक्ष बीज नीति से संबंधित व्यावहारिक सुझाव रखे, ताकि भविष्य में किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज सुलभ हो सकें और खेती की लागत में कमी लाई जा सके।
आलू किसानों की पीड़ा और मांगें
बैठक के आधिकारिक एजेंडे के बाद, अजय अनमोल ने केंद्रीय कृषि मंत्री का ध्यान विशेष रूप से आलू किसानों की दयनीय स्थिति की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लागत मूल्य न मिल पाने के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। आलू की फसल के उचित मूल्य का अभाव और बाजार में अस्थिरता के कारण उत्तर प्रदेश के किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अनमोल ने कृषि मंत्री को अवगत कराया कि यदि समय रहते सरकारी हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो यह संकट व्यापक रूप ले सकता है।
आंदोलन की अगली रणनीति
किसान नेता अजय अनमोल के नेतृत्व में 7 सितंबर 2026 को फर्रुखाबाद से एक प्रदेशव्यापी आलू आंदोलन की नींव रखी गई थी। यह आंदोलन किसानों के अधिकारों की रक्षा और फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए छेड़ा गया है। अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुँचाने के क्रम में, आगामी 18 सितंबर 2026 को कन्नौज कलेक्ट्रेट पर किसानों का एक बड़ा प्रदर्शन नियोजित किया गया है।
मुख्य बिंदु और आगामी कार्यक्रम:
- सीड बिल पर मंथन: केंद्रीय स्तर पर बीज नीति में सुधार के लिए सुझाव दिए गए।
- आलू संकट: केंद्रीय कृषि मंत्री को उत्तर प्रदेश के आलू किसानों की बर्बादी की जमीनी हकीकत से अवगत कराया गया।
- आंदोलन का विस्तार: 7 सितंबर को फर्रुखाबाद से शुरू हुआ आंदोलन अब कन्नौज की ओर बढ़ रहा है।
- प्रदर्शन की तिथि: 18 सितंबर 2026 को कन्नौज कलेक्ट्रेट पर किसान अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरेंगे।
अजय अनमोल का कहना है कि सरकार को केवल नीतियों के निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरातल पर किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई है कि केंद्रीय कृषि मंत्री इस मांग पत्र पर संज्ञान लेंगे और आलू किसानों को इस संकट से बाहर निकालने के लिए प्रभावी नीतिगत निर्णय लेंगे। किसान संगठन अब आगामी प्रदर्शन की तैयारियों में जुट गए हैं, ताकि उनकी आवाज को प्रशासन और सरकार के कानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके।
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