कायमगंज में भाकियू लोकशक्ति जिलाध्यक्ष अली कायम गिरफ्तार, समर्थकों में आक्रोश
कायमगंज में भाकियू लोकशक्ति जिलाध्यक्ष अली कायम गिरफ्तार, समर्थकों में आक्रोश
ज्ञापन देने पहुंचे किसान नेता को पुलिस ने लिया हिरासत में, कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क
कायमगंज/फर्रुखाबाद। कायमगंज तहसील परिसर में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के जिलाध्यक्ष अली कायम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं और किसानों में भारी आक्रोश फैल गया तथा प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार भाकियू (लोकशक्ति) के जिलाध्यक्ष अली कायम अपने समर्थकों के साथ किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील परिसर पहुंचे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे और किसानों की मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के बड़ी भीड़ एकत्र होने और नारेबाजी के चलते कानून-व्यवस्था प्रभावित होने तथा शांतिभंग की आशंका उत्पन्न हो गई थी।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि तहसील परिसर में मौजूद भीड़ और माहौल को देखते हुए एहतियातन कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि स्थिति बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर अली कायम को हिरासत में लिया गया है तथा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। वहीं दूसरी ओर किसान नेता अली कायम ने पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह अनुचित और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। उन्होंने कहा कि संगठन का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और इसकी लिखित सूचना प्रशासन को दो दिन पहले ही दे दी गई थी। उनका कहना है कि वह अपने साथियों के साथ किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, न कि किसी प्रकार का हंगामा या अव्यवस्था फैलाने। अली कायम ने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज उठाने वालों को दबाने के उद्देश्य से उन्हें बिना किसी ठोस कारण के गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान संगठन हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाता रहा है और इस प्रकार की कार्रवाई किसानों के हितों की अनदेखी है। जैसे ही जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी की सूचना संगठन के कार्यकर्ताओं और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंची, किसानों में नाराजगी फैल गई। कई कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे किसान विरोधी कदम बताया। समर्थकों का कहना है कि यदि किसानों की समस्याओं को सुनने के बजाय उनके नेताओं को गिरफ्तार किया जाएगा तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
घटना के बाद तहसील और कोतवाली क्षेत्र में पुलिस बल की सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन किसी भी संभावित तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है। वहीं किसान संगठन के पदाधिकारी आगामी रणनीति को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। कायमगंज में हुई इस कार्रवाई ने किसान संगठनों और प्रशासन के बीच नए विवाद को जन्म दे दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और किसान नेताओं के बीच यह टकराव आगे किस दिशा में बढ़ता है।
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