हजरत बाबा जूही शाह के 68वें सालाना उर्स का आगाज, साधु-संतों और कन्याओं का हुआ सम्मान

Jun 04, 2026 - 07:12
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हजरत बाबा जूही शाह के 68वें सालाना उर्स का आगाज, साधु-संतों और कन्याओं का हुआ सम्मान

हजरत बाबा जूही शाह के 68वें सालाना उर्स का आगाज, साधु-संतों और कन्याओं का हुआ सम्मान

तीन दिवसीय उर्स में गूंजा मोहब्बत, सौहार्द और भाईचारे का संदेश, बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु

कायमगंज, फर्रुखाबाद। कस्बे की ऐतिहासिक दरगाह हजरत बाबा जूही शाह पर आयोजित 68वें तीन दिवसीय सालाना उर्स का शुभारंभ बुधवार को कुरान मजीद की तिलावत और फातिहाख्वानी के साथ श्रद्धा एवं आस्था के माहौल में हुआ। उर्स के पहले दिन साधु-संत सम्मान, कन्या भोज तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर सहित दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दरगाह के सज्जादानशीन एवं जानशीन सूफी हजरत मुशीर अहमद कादरी चिश्ती वारसी ने बताया कि यह उर्स हजरत बाबा जूही शाह के विसाल की याद में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि बाबा जूही शाह की शिक्षाएं आज भी समाज को प्रेम, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सद्भाव का संदेश देती हैं।

बाबा का जीवन इस बात की मिसाल रहा कि इंसान को जाति, धर्म, ऊंच-नीच और अमीरी-गरीबी के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दरगाह की एक प्राचीन परंपरा के तहत फातिहा के बाद साधु-संतों को भोजन कराकर उन्हें वस्त्र एवं दक्षिणा भेंट की जाती है। यह परंपरा बाबा जूही शाह के समय से चली आ रही है और लगभग डेढ़ सौ वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। उर्स के दौरान आयोजित कन्या भोज में भी विभिन्न समुदायों के लोगों ने सहभागिता कर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। उर्स के प्रथम दिन आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर समाज सेवा, शिक्षा, व्यापार एवं जनहित के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई गणमान्य लोगों को शॉल ओढ़ाकर एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में ब्लॉक प्रमुख अरुण दुबे, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रश्मि दुबे, भाजपा जिला उपाध्यक्ष संदेश राजपूत, पूर्व सभासद आसिफ मंसूरी, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता, नगर अध्यक्ष अमित सेठ, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल गंगवार, मधु गंगवार तथा अनिल गंगवार प्रमुख रूप से शामिल रहे। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि हजरत बाबा जूही शाह की शिक्षाएं आज भी समाज में प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने युवाओं से बाबा के आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। रात्रि में नमाज-ए-ईशा के बाद मीलाद शरीफ जलसे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न शहरों से आए उलेमा-ए-किराम अपने विचार व्यक्त करेंगे।

इसके उपरांत नातिया महफिल का आयोजन होगा, जिसमें अकीदतमंद बारगाह-ए-रसूल में नजराना-ए-अकीदत पेश करेंगे। कार्यक्रम में अमीर हुसैन, तमहीद, तौहीद, फरजान, अमरेश गंगवार, नोमान सिद्दीकी, जुबैर, जमीर अहमद, धनेश गौर, सनी बॉथम, पवन बॉथम, मुन्नालाल, संजय शर्मा, विनय सक्सेना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उर्स के पहले दिन दरगाह परिसर में श्रद्धा, आध्यात्मिकता और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने बाबा जूही शाह की दरगाह पर चादर और फूल पेश कर अमन, खुशहाली और देश की तरक्की के लिए दुआएं मांगीं।

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