Farrukhabad News : गेहूँ खरीद को लेकर प्रशासन सख्त, 30 मार्च से सभी क्रय केंद्र होंगे सक्रिय
Farrukhabad News : गेहूँ खरीद को लेकर प्रशासन सख्त, 30 मार्च से सभी क्रय केंद्र होंगे सक्रिय
फर्रुखाबाद। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जनपद में गेहूँ खरीद की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में समस्त क्रय एजेंसियों के जिला स्तरीय अधिकारी, नायब तहसीलदार, मंडी सचिव एवं केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने गेहूँ खरीद व्यवस्था को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जनपद में स्वीकृत 42 स्थायी एवं 3 मोबाइल गेहूँ क्रय केंद्रों पर न्यूनतम 100 पंजीकरण सुनिश्चित किए जाएं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सहकारी समितियों के केंद्रों पर कम से कम 200 किसानों का पंजीकरण कर गेहूँ खरीद सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता अनिवार्य करते हुए पर्याप्त बोरे, दो इलेक्ट्रॉनिक कांटे, छलना, D1 विनोइंग फैन, नमीमापक यंत्र एवं किसानों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मंडी से समन्वय कर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा।
किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पंजीकरण के दौरान एनपीसीआई मैपर पर आधार नंबर को बैंक से अपडेट कराने के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। सभी क्रय केंद्रों को 30 मार्च 2026 से क्रियाशील करते हुए गेहूँ खरीद शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गेहूँ खरीद “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर होगी। यदि किसी केंद्र पर प्रतिदिन 30,000 कुंतल से अधिक आवक होती है, तो टोकन प्रणाली लागू की जाएगी और उसका विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा, केंद्रों पर बोरे की उपलब्धता का सही आकलन कर वितरण सुनिश्चित करने, भारत सरकार के पीसीएसएपी पोर्टल पर सभी क्रय केंद्रों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से पूरा करने तथा फील्ड स्तर पर सत्यापन के साथ फोटो व सूचनाएं सही तरीके से अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि पीसीएफ संस्था के नए केंद्र प्रभारियों को गेहूँ खरीद प्रक्रिया का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गेहूँ खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु और किसान हितैषी बनाते हुए शासन की मंशा के अनुरूप प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।