40 साल बाद शुरू हुई सीवर लाइन की सफाई, 82 लाख रुपये होंगे खर्च

Mar 22, 2026 - 20:35
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40 साल बाद शुरू हुई सीवर लाइन की सफाई, 82 लाख रुपये होंगे खर्च
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40 साल बाद शुरू हुई सीवर लाइन की सफाई, 82 लाख रुपये होंगे खर्च

फर्रुखाबाद/शहर की आवास विकास कॉलोनी के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। लगभग 40 साल के लंबे इंतजार के बाद, कॉलोनी में सीवर लाइन की सफाई का काम आखिरकार शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण कार्य पर 82 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है। नगर पालिका 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का उपयोग कर यह कार्य करा रही है, जिसका जिम्मा अलीगढ़ की एक फर्म को सौंपा गया है। बरसों पुरानी समस्या से मिलेगी निजात कॉलोनी में करीब 7764 मीटर लंबी सीवर लाइन बिछी हुई है, जिसमें 750 एमएम से लेकर 150 एमएम तक के पाइप शामिल हैं। चार दशक पुरानी होने के कारण यह लाइन अधिकांश जगहों पर पूरी तरह से चोक हो चुकी थी।

इसके परिणामस्वरूप, बारिश के मौसम में सीवर का गंदा पानी अक्सर घरों में घुस जाता था, जिससे स्थानीय लोग कई वर्षों से भारी परेशानी का सामना कर रहे थे। 25-30 साल तक जलभराव से मुक्ति का दावा स्थानीय लोगों की इस पुरानी समस्या को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने 15वें वित्त आयोग के फंड से इस सफाई कार्य को कराने का निर्णय लिया। जिलाधिकारी से स्वीकृति मिलने के बाद अब काम ने रफ्तार पकड़ ली है। पालिका अध्यक्ष के पति और पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल ने दावा किया है कि 40 साल में पहली बार हो रही इस व्यापक सफाई के बाद, अगले 25 से 30 सालों तक कॉलोनी में सीवर चोक होने या बारिश में जलभराव की कोई समस्या नहीं होगी। कचरा निस्तारण में कार्यदायी संस्था की लापरवाही उजागर एक तरफ जहाँ सफाई कार्य से लोगों में खुशी है, वहीं दूसरी तरफ कचरा निस्तारण को लेकर बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल के अनुसार, सीवर लाइन से निकलने वाले कचरे को अमेठी कोहना स्थित एफएसटीपी (फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) में भेजा जाना था। हालांकि, जमीनी स्तर पर कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार लोग नियमों की अनदेखी करते हुए एलआईसी कार्यालय के पास स्थित नाले में ही कैप्सूल भरकर सीवेज फेंक रहे हैं, जो क्षेत्र में नई बीमारियों और गंदगी का कारण बन सकता है।