अकीदत के साथ अदा की गई अलविदा जुमे की नमाज, 26 साल बाद बना 5 जुमों का दुर्लभ संयोग

Mar 21, 2026 - 21:45
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अकीदत के साथ अदा की गई अलविदा जुमे की नमाज, 26 साल बाद बना 5 जुमों का दुर्लभ संयोग
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अकीदत के साथ अदा की गई अलविदा जुमे की नमाज, 26 साल बाद बना 5 जुमों का दुर्लभ संयोग ।

फर्रुखाबाद/पवित्र माह रमजान का पांचवां और आखिरी जुमा, जिसे अलविदा जुमा भी कहा जाता है, आज शहर में पूरी अकीदत और एहतराम के साथ अदा किया गया। इस साल का रमजान बेहद खास है, क्योंकि 26 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है जब इस मुकद्दस महीने में पांच जुमे पड़े हैं। मुस्लिम समुदाय इसे अल्लाह की खास रहमत और बरकत की निशानी मान रहा है। धर्मगुरुओं ने बताई पांच जुमों की फजीलत शहर की जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोअज्जम अली ने नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा कि रमजान में पांच जुमों का मिलना कोई मामूली बात नहीं है। उन्होंने इसे तौबा करने, गुनाहों की माफी मांगने और इबादतों को मुकम्मल करने का एक बेहतरीन मौका बताया। वहीं, शिया समुदाय के मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने जुमे की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि इस्लाम में जुमे के दिन को "सय्यदुल अय्याम" (दिनों का सरदार) कहा गया है।

रमजान के महीने में इसकी फजीलत और भी ज्यादा बढ़ जाती है। देश में अमन-चैन की दुआएं और जकात पर जोर अलविदा जुमे की नमाज के बाद मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। धर्मगुरुओं ने जकात और फितरा अदा करने पर भी खास जोर दिया, ताकि समाज का हर तबका और गरीब लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, शहर कोतवाली प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी और थाना प्रभारी अजब सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में गश्त की। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। ईद-उल-फित्र की नमाज का समय और स्थान निर्धारित प्रशासन और मस्जिद कमेटियों द्वारा ईद की नमाज के लिए समय सारिणी भी जारी कर दी गई है।

नई ईदगाह: सुबह 8:15 बजे (जामा मस्जिद इमाम मुफ्ती मोअज्जम अली नमाज अदा कराएंगे) पुरानी ईदगाह: सुबह 8:30 बजे (मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी नमाज पढ़ाएंगे) रकाबगंज दरगाह हजरत अब्बास: सुबह 9:30 बजे (मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली नमाज अदा कराएंगे) सुनहरी मस्जिद: सुबह 10:00 बजे (इमामे जुमा मोहम्मद अब्बास नमाज अदा कराएंगे) रकाबगंज तिराहा मस्जिद जान अली खां: सुबह 8:30 बजे सादगी से ईद मनाएगा शिया समुदाय मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि शिया धर्मगुरुओं ने इस बार ईद-उल-फित्र को सादगी और शोक (मातम) के साथ मनाने का फैसला किया है। इस दौरान शिया समुदाय द्वारा कोई भी जश्न नहीं मनाया जाएगा।