कायमगंज में पितृपक्ष पर श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन
कायमगंज के सीपी गेस्ट हाउस में स्वर्गीय चंद्र प्रकाश अग्रवाल की स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़।
पितृपक्ष के पावन और श्रद्धापूर्ण वातावरण में कायमगंज स्थित सीपी गेस्ट हाउस इन दिनों भक्ति और आध्यात्म के रंग में सराबोर है। स्वर्गीय चंद्र प्रकाश अग्रवाल एवं श्रीमती शकुंतला देवी अग्रवाल की पुण्य स्मृति में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ ने नगर के धार्मिक परिवेश को एक नई ऊर्जा प्रदान की है। 28 सितंबर से प्रारंभ हुआ यह अनुष्ठान 4 अक्टूबर तक अनवरत चलेगा, जिसमें प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
भक्ति और ज्ञान का संगम
इस भव्य आयोजन का संयोजन व्यापार मंडल के वरिष्ठ जिला संरक्षक एवं उद्योगपति सत्य प्रकाश अग्रवाल तथा महिला व्यापार मंडल की प्रदेश चेयरमैन मिथिलेश अग्रवाल द्वारा किया जा रहा है। कथा के मुख्य व्यास के रूप में नैमिष, सीतापुर से पधारे कथा वाचक शिवानंद भाई जी अपने ओजस्वी प्रवचनों से भक्तों को निहाल कर रहे हैं। उनके द्वारा सुनाई जा रही भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं और श्रीमद्भागवत के गूढ़ संदेश श्रद्धालुओं के मन में धर्म, संस्कार और सदाचार के प्रति निष्ठा को और अधिक प्रगाढ़ कर रहे हैं।
प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
कथा स्थल पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों का आगमन निरंतर बना हुआ है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री एवं जिला अध्यक्ष आदेश अग्निहोत्री, जिला संरक्षक शंभू शरण अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष प्रहलाद नारायण अग्रवाल, जिला मंत्री नीरज राठौर, पवन गुप्ता और जिला उपाध्यक्ष संजय बंसल सहित व्यापार जगत की अनेक प्रमुख हस्तियों ने कथा श्रवण कर अपना योगदान दिया। इस दौरान आदेश अग्निहोत्री ने व्यास गद्दी के समक्ष नमन करते हुए कथा वाचक को फल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय चंद्र प्रकाश अग्रवाल, जिन्हें नगर में 'पिको बाबू' के नाम से भी जाना जाता था, और श्रीमती शकुंतला देवी की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए यह आयोजन एक परंपरा बन चुका है।
पितृपक्ष और आध्यात्मिकता का महत्व
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक माध्यम भी है। पितृपक्ष के दौरान इस तरह के ज्ञान यज्ञ का आयोजन समाज में सकारात्मकता और शांति का संचार करता है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण बिंदु निम्नलिखित हैं:
- दैनिक प्रवचन: कथा वाचक शिवानंद भाई जी द्वारा भगवान की लीलाओं का सरस वर्णन।
- आध्यात्मिक वातावरण: गेस्ट हाउस में भक्तिमय भजनों और कीर्तन से गूंजता वातावरण।
- सामुदायिक भागीदारी: नगर के प्रमुख नागरिकों और व्यापारियों द्वारा बढ़-चढ़कर सहयोग।
आयोजन समिति ने बताया कि प्रतिदिन कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जो इस बात का प्रमाण है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में भी लोग अपने संस्कारों और धर्म से जुड़े रहना चाहते हैं। पितृपक्ष के इन सात दिनों में सीपी गेस्ट हाउस का प्रांगण पूरी तरह से भक्तिमय बना हुआ है, जहां श्रद्धालु न केवल अपने पूर्वजों को नमन कर रहे हैं, बल्कि स्वयं को आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर करने की प्रेरणा भी प्राप्त कर रहे हैं। आगामी 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस ज्ञान यज्ञ में आने वाले दिनों में और भी अधिक संख्या में भक्तों के जुटने की संभावना है, जिससे आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ेगी।
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