NCR में उद्योगों पर होगी डिजिटल निगरानी: CAQM ने जारी किए नए निर्देश
वायु प्रदूषण कम करने के लिए CAQM ने NCR के उद्योगों में अतिरिक्त कैमरे और ईंधन निगरानी अनिवार्य की। जानें नई गाइडलाइंस और डेडलाइन।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एक बड़ा कदम उठाया है। बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए अब उद्योगों की कार्यप्रणाली पर डिजिटल नजर रखी जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उद्योगों में ऐसे विशेष कैमरों का जाल बिछाया जाएगा, जिससे ईंधन के इस्तेमाल और नियमों के पालन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सके। यह तकनीक न केवल प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर लगाम लगाएगी, बल्कि अधिकारियों को दूरस्थ निगरानी की सुविधा भी प्रदान करेगी।
डिजिटल निगरानी का नया स्वरूप
आयोग के निर्देशों के अनुसार, उद्योगों में पहले से मौजूद सीसीटीवी कैमरों के अलावा अतिरिक्त निगरानी उपकरण लगाए जाएंगे। इन कैमरों की तैनाती मुख्य रूप से उन स्थानों पर होगी जहां ईंधन का भंडारण किया जाता है और जहां से ईंधन को मशीनों या भट्टियों में फीड किया जाता है। इसके अलावा, यदि किसी उद्योग में गैस का उपयोग होता है, तो गैस मीटर की रीडिंग भी सीधे कैमरे की नजर में रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उद्योग केवल उन्हीं ईंधनों का उपयोग करें, जिन्हें सरकार द्वारा मंजूरी दी गई है।
इन कैमरों से प्राप्त होने वाली लाइव फीड सीधे संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर और अधिकारियों तक पहुंचेगी। इससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर तत्काल कार्रवाई करना संभव होगा। उद्योगों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बिजली कटौती के दौरान भी निगरानी तंत्र बाधित न हो। इसके लिए बैकअप पावर व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है ताकि 24x7 निगरानी बनी रहे।
समय सीमा और अनुपालन
CAQM ने सभी औद्योगिक इकाइयों को इन नए निर्देशों के पालन के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा दी है। इस अवधि के भीतर सभी पात्र उद्योगों को अपने परिसर में अनिवार्य तकनीक स्थापित करनी होगी। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस डेटा को प्राप्त करने और उसका विश्लेषण करने के लिए तकनीकी बुनियादी ढांचा तैयार करें। इस पूरी प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट 1 नवंबर 2026 तक आयोग को सौंपी जानी है।
ईंधन नीति और प्रदूषण पर नियंत्रण
NCR क्षेत्र में उद्योगों के लिए ईंधन की एक विशिष्ट सूची निर्धारित है। हालांकि, कई निरीक्षणों में यह सामने आया है कि कुछ उद्योग नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित या गैर-अनुमोदित ईंधन का उपयोग कर रहे हैं, जो वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण बनता है। विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में, जब हवा की गति कम होती है और प्रदूषण कण जमीन के करीब जमा हो जाते हैं, तब औद्योगिक उत्सर्जन स्थिति को और अधिक गंभीर बना देता है।
- ईंधन भंडारण क्षेत्रों की 24x7 निगरानी।
- गैस मीटर और मशीनों के इनपुट पॉइंट पर कैमरों की तैनाती।
- इंटरनेट और पावर बैकअप के साथ निरंतर डेटा प्रवाह।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मैन्युअल निरीक्षण की कमियों को दूर करता है। पहले के समय में औचक निरीक्षण के दौरान ही गड़बड़ी पकड़ी जा सकती थी, लेकिन अब डिजिटल निगरानी से किसी भी समय नियमों की अनदेखी को पकड़ा जा सकेगा। उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से NCR के उद्योगों में जवाबदेही बढ़ेगी और वायु गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ एक स्वस्थ वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह तकनीकी हस्तक्षेप आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकता है।
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