Etah News : जीआरपी की ड्यूटी या महज सेल्फी? स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एटा जीआरपी की ड्यूटी या महज सेल्फी? स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एटा। एटा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप हैं कि रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी का स्टाफ अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर नजर नहीं आता। आरोप तो यहां तक हैं कि स्टेशन पर ट्रेन आने और जाने के समय ही कुछ पुलिसकर्मी दिखाई देते हैं, जबकि बाकी समय अधिकांश स्टाफ नजर नहीं आता। बताया जाता है कि सुबह टूंडला की ओर से आने वाली ट्रेन करीब 7 से 7:25 बजे तक एटा पहुंचती है और लगभग 7:35 से 7:40 बजे आगरा के लिए रवाना हो जाती है। वहीं शाम को आगरा की ओर से ट्रेन करीब 8 बजे एटा पहुंचती है और लगभग 8:30 बजे टूंडला के लिए रवाना हो जाती है। इन ट्रेनों के समय स्टेशन पर पुलिस की मौजूदगी दिखाई देती है, लेकिन बाकी समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
■ निरीक्षण की सूचना मिलते ही बुलाया जाता है स्टाफ?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जीआरपी थाने में तैनात स्टाफ का एक हिस्सा अक्सर थाने या स्टेशन से गायब रहता है। यदि किसी वरिष्ठ अधिकारी, एसपी या सीओ के निरीक्षण की सूचना मिलती है तो कथित तौर पर फोन कर स्टाफ को बुला लिया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्टेशन पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों के बारे में भी आरोप है कि वे ड्यूटी करने के बजाय स्टेशन पर लगी कुर्सियों पर बैठकर आपस में बातचीत करते नजर आते हैं। ट्रेन आने के समय कुछ पुलिसकर्मी सक्रिय दिखाई देते हैं, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को लेकर पर्याप्त सक्रियता नजर नहीं आने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
■ बिना टिकट यात्रियों पर भी नहीं होती कार्रवाई?
एटा रेलवे स्टेशन से बड़ी संख्या में यात्रियों के बिना टिकट यात्रा करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि ऐसे यात्रियों को रोकने या टोकने की पुलिस की ओर से कोई विशेष पहल नहीं दिखाई देती। इसी तरह संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्टेशन पर टिकट लेने के दौरान यात्रियों की लाइन में आए दिन विवाद होने की बात भी सामने आती है। यात्रियों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस की मौजूदगी और तत्काल हस्तक्षेप जरूरी है, लेकिन कई बार पुलिसकर्मी मौके पर दिखाई नहीं देते।
■ बड़ी रेल लाइन, जीआरपी थाना फिर भी सुरक्षा पर सवाल
एटा संवेदनशील जनपद होने के साथ-साथ रेलवे की बड़ी लाइन से जुड़ा महत्वपूर्ण स्टेशन है। स्टेशन पर जीआरपी थाना भी मौजूद है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, संदिग्ध लोगों की निगरानी और रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पूरी गंभीरता से निभाएं तो स्टेशन पर होने वाले छोटे-मोटे विवादों से लेकर संदिग्ध गतिविधियों तक पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकती है।
■ सेल्फी से पूरी हो रही ड्यूटी?
जीआरपी स्टाफ को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी फोटो या सेल्फी लेकर अधिकारियों अथवा संबंधित पोर्टल पर भेज देते हैं और इसी को ड्यूटी पूरी होने का प्रमाण मान लिया जाता है। हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अब सवाल यह है कि क्या रेलवे स्टेशन की सुरक्षा केवल फोटो और सेल्फी तक सीमित रह गई है? क्या ट्रेन आने-जाने के समय कुछ मिनट की मौजूदगी ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है? और यदि स्टेशन पर लगातार पुलिसकर्मियों की मौजूदगी जरूरी है तो बाकी समय उनकी वास्तविक ड्यूटी कहां होती है? यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले का अचानक निरीक्षण कराकर जीआरपी स्टाफ की वास्तविक उपस्थिति, ड्यूटी व्यवस्था और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।
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