एटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: फर्जी यूनिवर्सिटी मामले में महिला समेत दो गिरफ्तार
एटा की मारहरा पुलिस ने फर्जी यूनिवर्सिटी चलाकर छात्रों को ठगने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया। मामले में अब तक कई लोग जेल जा चुके हैं।
जनपद एटा में पुलिस प्रशासन द्वारा अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे निरंतर अभियान के अंतर्गत थाना मारहरा पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसते हुए दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारान जी के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी सदर श्री संकल्पदीप कुशवाह के नेतृत्व में संपन्न हुई है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह मामला एक ऐसी फर्जी यूनिवर्सिटी के संचालन से जुड़ा है, जो छात्रों को प्रवेश दिलाने और फर्जी परीक्षाएं आयोजित करने का कार्य कर रही थी। इससे पूर्व भी थाना मारहरा पुलिस ने इसी मामले में तत्परता दिखाते हुए एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जिसके तहत 05 अभियुक्तों को पूर्व में ही जेल भेजा जा चुका है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला शिक्षिका और एक एडवाइजर शामिल हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
पुलिस की गिरफ्त में आए अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित है:
- कीरत राम: पुत्र डुम्बर सिंह, निवासी ग्राम नगला रज्जी, थाना ढोलना, जनपद कासगंज।
- एक महिला अभियुक्ता: जिसकी भूमिका फर्जी यूनिवर्सिटी में शिक्षिका के रूप में पाई गई है।
इन दोनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना मारहरा में मुअसं 168/2026 के अंतर्गत बीएनएस की विभिन्न धाराओं, यथा 318(2), 338, 336(3), 340(2) और 111 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस इन पर विधिक कार्यवाही करते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी कानून के दायरे में लाया जा सके।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी धरपकड़ को अंजाम देने में थाना मारहरा की पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा। ऑपरेशन में थानाध्यक्ष श्री योगेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक श्री मुकुल कुमार के साथ-साथ कांस्टेबल योगेश कुमार, आयुष कुमार, सोनू कुंतल, गौरव कुमार, तथा महिला कांस्टेबल आशा देवी और नेहा सैनी शामिल रहे। इन सभी ने समन्वय स्थापित करते हुए साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों को चिन्हित किया और उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
एटा पुलिस का यह अभियान स्पष्ट संदेश देता है कि जनपद में किसी भी प्रकार के शैक्षणिक धोखाधड़ी या अवैध कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्जी यूनिवर्सिटी के माध्यम से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस का यह रुख आगे भी जारी रहेगा। वर्तमान में पुलिस टीम मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों और साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है, ताकि इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचा जा सके। स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेने से पूर्व उसकी मान्यता और वैधता की जांच अवश्य करें।
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