फर्रुखाबाद: कोर्ट के आदेश पर लेखपाल और पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज
फर्रुखाबाद के शमसाबाद में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन थानाध्यक्ष, लेखपाल और राजस्व निरीक्षक समेत 6 लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, मचा हड़कंप।
फर्रुखाबाद जिले के शमसाबाद थाना क्षेत्र में एक अत्यंत गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहां न्यायालय के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और तत्कालीन पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। विवादित भूमि पर अवैध कब्जे और न्यायालय के स्थगनादेश की अवहेलना के इस मामले में कुल छह लोगों को नामजद किया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि और विवादित संपत्ति
पीड़ित महेश वर्मा के अनुसार, सिविल कोर्ट कायमगंज में वाद संख्या 59/2016 के तहत एक विवादित स्थल को लेकर मुकदमा विचाराधीन है। न्यायालय द्वारा इस संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का अंतरिम स्थगनादेश पारित किया गया था, जो वर्तमान में भी प्रभावी है। आरोप है कि 26 अप्रैल 2026 को सुबह 9:00 बजे कुछ लोगों ने न्यायालय के आदेशों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए विवादित स्थल पर जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने इस अवैध गतिविधि का विरोध किया, तो विपक्षियों ने न केवल उनके साथ हाथापाई की, बल्कि जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया।
अधिकारियों की कथित संलिप्तता
इस प्रकरण में सबसे चौंकाने वाला पहलू सरकारी अधिकारियों की भूमिका है। पीड़ित का आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल कृष्णकांत और राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) हरमुख सिंह ने विपक्षी मुन्ना खां और जितेन्द्र शाक्य के साथ सांठ-गांठ कर ली थी। इसके अतिरिक्त, शमसाबाद थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष रमेश सिंह और तत्कालीन कस्बा इंचार्ज सुरेश सिंह पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित का दावा है कि जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस अधिकारियों ने उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें वहां से भगा दिया। अधिकारियों ने कथित तौर पर यह भी कहा कि वे न्यायालय के आदेशों को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं।
न्यायालय का हस्तक्षेप और कानूनी कार्रवाई
थाने से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ को पंजीकृत डाक के माध्यम से शिकायती पत्र भेजा, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अंततः, पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट में गुहार लगाई। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष विवेचना के आदेश दिए। इसके बाद, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दर्ज किए गए मुकदमे का विवरण
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- मुन्ना खां, निवासी कम्पिल
- जितेन्द्र शाक्य, निवासी कस्बा शमसाबाद
- कृष्ण कान्त, क्षेत्रीय लेखपाल (तहसील कायमगंज)
- हरमुख सिंह, राजस्व निरीक्षक (तहसील कायमगंज)
- रमेश सिंह, तत्कालीन थानाध्यक्ष, थाना शमसाबाद
- सुरेश सिंह, तत्कालीन कस्बा इंचार्ज, थाना शमसाबाद
इन सभी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3) और 329(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में आपराधिक धमकी, बल प्रयोग और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। वर्तमान में पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर राजस्व और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम जनता में रोष व्याप्त है।
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