एटा में चीनी जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, नया आदेश जारी
एटा जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। व्यापारियों को हर शुक्रवार को ऑनलाइन स्टॉक का विवरण देना अनिवार्य है।
एटा जनपद में चीनी की बढ़ती कीमतों और बाजार में कृत्रिम कमी की शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने जिले में चीनी के अवैध भंडारण और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर चीनी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, कोई भी व्यापारी चीनी का अनावश्यक भंडारण नहीं कर सकेगा। नियमों के तहत किसी भी व्यापारी को 30 दिनों से अधिक की खपत के लिए चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं दी गई है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी एक ही व्यावसायिक परिसर में अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से स्टॉक छिपाया हुआ पाया जाता है, तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी और कालाबाजारी के माध्यम से बाजार में अस्थिरता पैदा करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
डिजिटल निगरानी और अनिवार्य पंजीकरण
प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। जनपद के सभी चीनी डीलरों को भारत सरकार के आधिकारिक खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल foodstock.dfpd.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार को अपने पास मौजूद चीनी के स्टॉक की अद्यतन जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
इतना ही नहीं, पोर्टल पर विवरण अपलोड करने के पश्चात व्यापारियों को अपने स्टॉक की स्थिति की एक प्रति जिला खाद्य विपणन अधिकारी के कार्यालय में भी जमा करानी होगी। यह दोहरी रिपोर्टिंग प्रणाली प्रशासन को बाजार में चीनी की वास्तविक स्थिति और मांग-आपूर्ति के अंतर को समझने में मदद करेगी।
निगरानी समिति का गठन
चीनी की कीमतों और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए जिलाधिकारी ने एक विशेष निगरानी समिति का गठन किया है। इस समिति की कमान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को सौंपी गई है। समिति में निम्नलिखित अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है:
- संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारी (SDM)
- क्षेत्रीय विपणन अधिकारी एवं विपणन निरीक्षक
- संबंधित कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव
यह समिति न केवल बाजार में चीनी की उपलब्धता की नियमित जांच करेगी, बल्कि मूल्यों में हो रही अनावश्यक वृद्धि पर भी अपनी पैनी नजर रखेगी। समिति के सदस्य समय-समय पर गोदामों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी करेंगे।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने व्यापारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी व्यापारी निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन करता है या जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह कदम न केवल बाजार में चीनी की आपूर्ति को सुचारू बनाएगा, बल्कि जमाखोरों के हौसलों को पस्त करने में भी कारगर साबित होगा। व्यापारियों से अपील की गई है कि वे सरकारी नियमों का पालन करें और पारदर्शी व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दें ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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