महारानी अवंती बाई की जयंती पर गूंजा वीरांगना का जयघोष, भव्य यात्रा में उमड़ा लोधी समाज का जनसैलाब
महारानी अवंती बाई की जयंती पर गूंजा वीरांगना का जयघोष, भव्य यात्रा में उमड़ा लोधी समाज का जनसैलाब
(शहर में निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा, बड़े-बड़े नेता, मंत्री और समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी हुए शामिल — जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत) जनरल फोर्स कार्यालय
एटा। अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी की 195वीं जन्म जयंती के अवसर पर शहर में भव्य समारोह और विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी के शौर्य, साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए निकाली गई इस भव्य यात्रा में लोधी राजपूत समाज के हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा शहर वीरांगना अवंती बाई के जयघोष और देशभक्ति के नारों से गूंजता नजर आया।जयंती समारोह को लेकर समाज के लोगों में सुबह से ही जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग सज-धजकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। भव्य यात्रा जैसे-जैसे शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी, वैसे-वैसे लोगों का कारवां भी बढ़ता चला गया। यात्रा में समाज के युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
महारानी अवंती बाई लोधी के जीवन और बलिदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वीरांगना ने देश की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया था। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके संघर्ष, त्याग और वीरता को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। शहर में निकली भव्य शोभायात्रा शिकोहाबाद रोड स्थित समर्पण गेस्ट हाउस से लेकर जीटी रोड होते हुए जिला पंचायत जनेश्वर मिश्र हाल पर जाकर संपन्न हुई, लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल रहे। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया और वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।यात्रा के दौरान ‘वीरांगना महारानी अवंती बाई अमर रहें’, ‘भारत माता की जय’ और देशभक्ति के नारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। अनेक स्थानों पर समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।महारानी अवंती बाई लोधी की जयंती के अवसर पर आयोजित मेले और समारोह में राजनीतिक, सामाजिक एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम में बी.एल. वर्मा केंद्रीय मंत्री, प्रजापालन वर्मा पूर्व विधायक, विपिन बर्मा डेविड सदर विधायक एटा , वीरेंद्र सिंह लोधी मारहरा विधायक, पुष्पेंद्र लोधी ब्लॉक प्रमुख, हरपाल सिंह लोधी अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध महासभा प्रदेश उपाध्यक्ष, मेला कमेटी अध्यक्ष अमर सिंह राजपूत, मेला कमेटी महामंत्री प्रमोद लोधी, अमित राजपूत, नाथूराम लोधी, संरक्षक मंडल महेश वर्मा शिव स्वरूप लोधी, मंच संचालन रमेश शयोराई, मीडिया प्रभारी राहुल वर्मा और प्रदीप वर्मा, दीपेश लोधी सहित समाज के तमाम वरिष्ठ नेता एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।वरिष्ठ नेताओं और समाज के पदाधिकारियों ने महारानी अवंती बाई लोधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस दौरान वक्ताओं ने समाज की एकजुटता, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने पर जोर दिया। समारोह में जिस तरह बड़ी संख्या में समाज के लोग एकजुट होकर शामिल हुए, उससे सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि महारानी अवंती बाई केवल लोधी समाज की ही नहीं, बल्कि देश की वीरांगनाओं में एक गौरवशाली नाम हैं। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।कार्यक्रम में मौजूद समाज के वरिष्ठ लोगों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे महारानी अवंती बाई के जीवन से प्रेरणा लेकर देश और समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों और वीरांगनाओं के इतिहास को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर उसे बच्चों और युवा पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।जयंती समारोह के साथ आयोजित मेले में भी पूरे दिन उत्साह और रौनक का माहौल रहा। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने मेले में भाग लिया। परिवारों के साथ पहुंचे लोगों ने विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद लिया। बच्चों और युवाओं में मेले को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।समारोह के दौरान समाज के लोगों ने एक-दूसरे को महारानी अवंती बाई लोधी की जयंती की शुभकामनाएं दीं। पूरे कार्यक्रम में सामाजिक एकता, भाईचारे और वीरांगना के प्रति सम्मान की भावना दिखाई दी।कुल मिलाकर महारानी अवंती बाई लोधी की 195वीं जयंती पर निकली भव्य यात्रा ने शहर में अलग ही रंग भर दिया। हजारों लोगों की भागीदारी, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और वीरांगना के जयघोष से पूरा वातावरण गौरव और उत्साह से भर उठा। यह आयोजन न केवल महारानी अवंती बाई के शौर्य और बलिदान को नमन करने का अवसर बना, बल्कि समाज की एकजुटता और अपनी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान का भी संदेश दे गया।
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