अमृतपुर बाढ़ अपडेट: 27 गांव जलमग्न, 21 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

फर्रुखाबाद के अमृतपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से 27 गांव डूबे। 21 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित, राहत कार्य जारी। फसल और पशुचारे का भारी नुकसान।

Aug 14, 2026 - 08:24
0 1
अमृतपुर बाढ़ अपडेट: 27 गांव जलमग्न, 21 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

block-350 block-350

फर्रुखाबाद जिले की अमृतपुर तहसील में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने क्षेत्र के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तहसील के 27 गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं। पानी अब केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों के घरों की दहलीज पार कर चुका है, जिससे हजारों लोगों के सामने रहने और खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा से लगभग 5,456 परिवारों के 21,160 से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

राहत और बचाव के व्यापक इंतजाम

प्रशासन ने इस विकट परिस्थिति से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर राहत अभियान शुरू किया है। प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और जरूरतमंदों को सुरक्षित निकालने के लिए 22 नावों और छह मोटरबोट को तैनात किया गया है। बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं और फंसे हुए परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। विशेष रूप से, चित्रकूट स्थित रामनिवास डिग्री कॉलेज को बाढ़ शरणालय के रूप में तैयार किया गया है, जहां लोगों के लिए भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारी स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता सुनिश्चित की जा सके।

कृषि और पशुपालन पर दोहरी मार

बाढ़ का सबसे घातक असर किसानों की आजीविका पर पड़ा है। सैकड़ों बीघा धान की फसल पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से पानी में डूबी हुई है, जिसके कारण फसल के पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका है। इसके अलावा, पशुपालकों के सामने चारे का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। खेतों में पानी भरने के कारण पशुओं के लिए रखा गया चारा सड़ रहा है, जिससे दूध उत्पादन और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। यह स्थिति किसानों के लिए आर्थिक तबाही का कारण बनती जा रही है।

धार्मिक स्थलों और बुनियादी ढांचे पर असर

बाढ़ का प्रभाव केवल आवासीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर भी नजर आ रहा है। नासा के पुल के पास स्थित ऐतिहासिक खाटू श्याम मंदिर भी चारों ओर से पानी से घिर गया है। ड्रोन फुटेज में स्पष्ट देखा जा सकता है कि स्टेट हाईवे के दोनों ओर पानी का विशाल फैलाव है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। सड़कों के जलमग्न होने से कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट चुका है।

प्रशासन की अपील और भविष्य की चुनौतियां

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के निवासियों से धैर्य बनाए रखने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। गंगा नदी का जलस्तर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है, जिसके कारण राहत कार्य में लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में जलस्तर कम होने पर ही नुकसान का सही आकलन हो पाएगा, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता हजारों लोगों के जीवन और सुरक्षा को बचाना है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User