मैनपुरी: खेत जाते समय करंट लगने से किसान की मौत, बिजली विभाग पर सवाल

मैनपुरी के घमुर्रा गांव में खेत जा रहे किसान की बिजली के नंगे तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत। बिजली विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश।

Aug 10, 2026 - 07:04
0 2
मैनपुरी: खेत जाते समय करंट लगने से किसान की मौत, बिजली विभाग पर सवाल

block-350 block-350

मैनपुरी जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घमुर्रा में रविवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 5 बजे 55 वर्षीय किसान उदय सिंह, जो मुंशीलाल के पुत्र थे, अपने नित्य कर्म से निवृत्त होकर खेतों की ओर निकले थे। उनका इरादा अपनी फसल में सिंचाई करने का था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। खेत के रास्ते में बिजली का एक खुला और जर्जर केबल जमीन पर पड़ा हुआ था, जिसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। अंधेरे के कारण वे उस नंगे तार को देख नहीं पाए और अनजाने में उनका पैर उस पर पड़ गया।

बिजली का जोरदार झटका लगते ही किसान वहीं गिर पड़े और कुछ ही पलों में उनकी जीवन लीला समाप्त हो गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसानों ने जब उन्हें तड़पते हुए देखा, तो वे तुरंत उनकी ओर दौड़े और तत्काल परिजनों को इस भयावह घटना की सूचना दी। जब तक परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बिजली के करंट ने किसान के शरीर को बुरी तरह झुलसा दिया था और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

इस दुखद घटना ने ग्रामीण इलाकों में खेतों और रास्तों के किनारे बिछे खुले विद्युत तारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण आए दिन ऐसे हादसे होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई जगहों पर बिजली के तार बहुत नीचे लटके हुए हैं या फिर जमीन पर पड़े हैं, जिसकी सूचना कई बार विभाग को दी गई, लेकिन किसी ने भी इसकी सुध लेना उचित नहीं समझा।

ग्रामीणों का आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर वह विद्युत केबल रास्ते में चालू हालत में क्यों और कैसे पड़ी थी। यदि इसमें बिजली विभाग के कर्मचारियों या अधिकारियों की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग ने जल्द ही जर्जर तारों और खंभों की मरम्मत नहीं कराई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मुख्य बिंदु जो इस मामले में विचारणीय हैं:

  • बिजली विभाग द्वारा समय-समय पर लाइनों का रखरखाव न किया जाना।
  • खेतों के रास्तों पर खुले तारों का पड़ा रहना एक बड़ी सुरक्षा चूक है।
  • मृतक किसान के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग बढ़ रही है।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता को भी दर्शाती है। प्रशासन को इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों को चिन्हित करना चाहिए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि किसी और किसान को अपनी जान न गंवानी पड़े।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User