28 जुलाई से शुरू होगा लोको दरगाह का 266वां सालाना उर्स
28 जुलाई से शुरू होगा लोको दरगाह का 266वां सालाना उर्स
फतेहगढ़। ऐतिहासिक लोको दरगाह शरीफ में खानकाह हज़रत मखदूम शाह सैय्यद शहाबुद्दीन औलिया अलैहि रहमा का 266वां सालाना उर्स 28 से 31 जुलाई तक धार्मिक श्रद्धा और सूफियाना परंपरा के साथ आयोजित किया जाएगा। चार दिवसीय आयोजन में देशभर से हजारों जायरीन, अकीदतमंद और विभिन्न खानकाहों के सज्जादानशीन शिरकत करेंगे। दरगाह परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद वसीम उर्फ़ मुहम्मद मियां चिश्ती साबरी मुजद्दीदी ने बताया कि लोको दरगाह वर्षों से गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाईचारे और कौमी एकता का प्रतीक रही है। यहां हर वर्ष सभी धर्मों के लोग चादर और फूल पेश कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ करते हैं। उर्स के दौरान लंगर-ए-आम की व्यवस्था भी रहेगी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों से उलेमा, सूफी विद्वान और प्रमुख दरगाहों के सज्जादानशीन कार्यक्रम में शामिल होंगे। उर्स के पहले दिन कुरआन ख्वानी, चिरागा रोशनी और तहफ्फुज-ए-अहले सुन्नत कॉन्फ्रेंस होगी। दूसरे दिन पहला कुल शरीफ और महफिल-ए-कव्वाली का आयोजन किया जाएगा। 30 जुलाई को सरकारी गागर एवं चादर जुलूस हज़रत भुल्लन शाह की दरगाह से लोको दरगाह तक निकाला जाएगा। इसी दिन पुस्तक "नफ़हाते मोहब्बत" का विमोचन और दस्तारबंदी समारोह भी होगा। अंतिम दिन 31 जुलाई को गुस्ल-ए-मजार, कुरआन ख्वानी और चौथा व बड़ा कुल शरीफ आयोजित होने के बाद लंगर-ए-आम वितरित किया जाएगा। उर्स के दौरान जावेद हुसैन, शाहवेज वारसी, आकिल हुसैन, कमालुद्दीन, रियाज़ भारती और मुन्ना मेहरबान अपनी सूफियाना कव्वालियों से महफिल को रूहानी रंग में रंगेंगे।
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