फर्रुखाबाद में DU छात्रा ने फौजी पिता की राइफल से दी जान, परिवार सदमे में
फर्रुखाबाद में DU छात्रा ने फौजी पिता की राइफल से दी जान, परिवार सदमे में
पांच दिन पहले दिल्ली से घर लौटी थी छात्रा, घर में अकेली होने पर हुई घटना; पुलिस हर पहलू से कर रही जांच, कारण अब भी स्पष्ट नहीं
फर्रुखाबाद/फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के धन्सुआ गांव में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में अध्ययनरत 20 वर्षीय छात्रा ने घर में मौजूद अपने पिता की लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, मृतका अंजलि भारतीय सेना में तैनात राजेश कुमार पाल की पुत्री थी। राजेश कुमार की वर्तमान तैनाती पंजाब के भटिंडा में है। अंजलि करीब पांच दिन पहले ही दिल्ली से अपने घर धन्सुआ आई थी। घर पर उसकी मां और भाई ललित रहते हैं। ललित फतेहगढ़ स्थित मछली मंडी के पास जनरल स्टोर संचालित करता है, जहां उसकी मां भी सहयोग करती हैं।
भाई सुबह दुकान चला गया और दोपहर में मां भी दुकान पहुंच गईं। उस समय अंजलि घर में अकेली थी। रात करीब साढ़े नौ बजे जब मां और भाई घर लौटे तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार मोबाइल फोन मिलाने पर भी कॉल रिसीव नहीं हुई। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद पड़ोसी की छत के रास्ते घर में प्रवेश किया गया। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। अंजलि बेड पर मृत अवस्था में पड़ी थी और पास ही लाइसेंसी राइफल रखी थी। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी, फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस तथा फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए गए। दोपहर सेना में तैनात पिता के भटिंडा से घर पहुंचने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों, परिचितों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। यह घटना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर सोच का विषय है। जीवन में आने वाली कठिनाइयों का समाधान आत्मघाती कदम नहीं हो सकता। किसी भी मानसिक, भावनात्मक या व्यक्तिगत परेशानी की स्थिति में परिवार, मित्रों या भरोसेमंद लोगों से खुलकर बातचीत करना और समय रहते सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है। एक पल का भावनात्मक निर्णय पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे जाता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)