अमृतपुर विधायक का अखिलेश पर निशाना: बोले- नारा लगाने से नहीं मिलेगा वोट, सपा में PDA की दुर्दशा थी, अपहरण-लूट से परेशान थे लोग

Mar 1, 2026 - 07:13
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अमृतपुर विधायक का अखिलेश पर निशाना: बोले- नारा लगाने से नहीं मिलेगा वोट, सपा में PDA की दुर्दशा थी, अपहरण-लूट से परेशान थे लोग

अमृतपुर विधायक का अखिलेश पर निशाना: बोले- नारा लगाने से नहीं मिलेगा वोट, सपा में PDA की दुर्दशा थी, अपहरण-लूट से परेशान थे लोग

फर्रुखाबाद/अमृतपुर /विधायक सुशील शाक्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार किया है। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे पर तंज कसा था, जिसके जवाब में शाक्य ने कहा कि 'ऊल जलूल' बातें बोलकर अखिलेश सरकार नहीं बना सकते। विधायक शाक्य ने अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मुद्दे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश जिसकी बात कर रहे हैं, उनकी सरकार के दौरान पीडीए की दुर्दशा थी। अपहरण, लूट और भैंस चोरी जैसी घटनाओं से पीडीए वर्ग के लोग ही परेशान थे। बसपा विधायक के यहां पड़ी रेड को लेकर अखिलेश यादव के तंज पर सुशील शाक्य ने कहा कि अखिलेश को बोलने के बजाय सीधे हाईकोर्ट जाकर लूट का मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें डकैती का मुकदमा लिखना चाहिए, अगर उन्हें कोई दोषी लगता है।

विधायक शाक्य ने सवाल किया कि जब उनकी सरकार थी, तब पीडीए की क्या दुर्दशा थी, और अब सिर्फ नारा लगाने से वोट नहीं मिलेगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का उदाहरण दिया, जिन्होंने '60% बैकवर्ड हमारे साथ है' का नारा दिया था, लेकिन उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिले थे। 2027 में भाजपा को कोई रोकने वाला नहीं 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर सुशील शाक्य ने कहा कि भाजपा सरकार को कोई रोकने वाला नहीं है और 2027 में भाजपा की ही सरकार बनेगी। 'ब्राह्मण रूठा है, कैसे मनाएंगे' के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह अखिलेश यादव और मायावती के दिमाग में होगा, ब्राह्मण भाजपा से नहीं रूठा है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा को लेकर कहा कि देश में जाने कितनी पार्टियां हैं। जातियों के नाम पर है कोई दलित के नाम पर है। क्या उसे नाम के आधार पर वोट मिल जाता है। जमानतें जब्त होती हैं, जब बसपा जैसी पार्टी की जमानतें जब्त हो गईं और एक ही विधायक है। इतनी बड़ी कांग्रेस पार्टी जिसकी इतने दिनों तक सरकार चली प्रदेश की विधानसभा में केवल उसका एक विधायक है।

बोले- काम के आधार पर मांगे वोट अखिलेश यादव जिनके 224 विधायकों के आधार पर सरकार बनी थी और उन्होंने इतने अच्छे कार्य किए प्रदेश में उन्हीं के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हीं का प्रशासन रहा और उनके विधायक खाली 47 जीते। अखिलेश यादव अपने कार्यकाल के जो विकास के कार्य हैं उसके आधार पर वोट मांगें। वह कहीं जाति के आधार पर तो कहीं धर्म के आधार पर वोट मांगते घूम रहे हैं। अपने कर्म के आधार पर वोट नहीं मांग रहे हैं।