जयमाला के बाद तोड़ी शादी, फिर साले की बीबी से लिए फेरे

जयमाला के बाद तोड़ी शादी, फिर साले की बीबी से लिए फेरे

Feb 10, 2025 - 09:11
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जयमाला के बाद तोड़ी शादी, फिर साले की बीबी से लिए फेरे

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राजस्थान के सीकर जिले में एक दूल्हा दहेज में गाड़ी न मिलने से गुस्सा हो गया और बिना शादी किए वापस लौट गया। दुल्हन के परिवार वालों ने इसका विरोध किया और दूल्हे व उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग करने लगे। हालांकि पुलिस की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिससे नाराज होकर दुल्हन के परिवार वालों ने पुलिस थाने के सामने धरना देना शुरू कर दिया।

ये मामला इतना बढ़ गया कि सीकर लोकसभा क्षेत्र सांसद सुमेधानंद सरस्वती को इसमें दखल देना पड़ा। जानकारी के अनुसार 4 दिन पहले सीकर जिले की तारपुरा ग्राम पंचायत में सुरजाराम राम जांगिड की बेटी सुभीता की शादी थी। इनके घर 3 जुलाई को बारात आई थी। लेकिन दूल्हे अजय ने फेरों से पहले गाड़ी की मांग कर दी। जिसे सुभीता के परिवार वालों ने पूरा करने से मना कर दिया। फिर क्या था अजय बारात को लेकर वापस लौट गया। इतना ही नहीं अजय ने सुभीता के भाई की होने वाली दुल्हन से शादी कर ली। जिसके बाद ये मामला ओर बढ़ गया। जानकारी के अनुसार सुभीता के भाई पंकज की शादी बजावा गांव निवासी कंचन से तय की गई थी और जल्द ही इनकी शादी होने वाली थी।

लेकिन सुभीता से रिश्ता टूटने के बाद सोमवार को अजय ने कंचन से शादी कर ली। अब उसी कंचन के दो भाई वीरेन्द्र व जितेन्द्र बुधवार को अजय की दो बहनों को प्रियांशु व किस्मत को ब्याहने जाएंगे। इन सबके बीच सुभीता के परिवार वाले व ग्रामीण अजय की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। पुलिस द्वारा कोई उचित कार्यवाही नहीं होने पर सोमवार देर रात से ही पीड़िता और उसका परिवार दादिया थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। बीजेपी के उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल एवं जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि कानाराम जाट भी इनके साथ धरने पर बैठे थे। जिन्हें मंगलवार शाम दादिया पुलिस थाने के स्टाफ द्वारा हटा दिया गया था। साथ ही इनके द्वारा लगाए गए टेंट को भी उखड़ दिया था। इतना ही नहीं धरने पर बैठे 9 लोगों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं ये सूचना मिलने पर सीकर लोकसभा क्षेत्र सांसद सुमेधानंद सरस्वती मौके पर पहुंचे और पुलिस उपाधीक्षक राजेश आर्य से बात की।

इन्होंने मामले की सही जांच करने के आदेश दिए। इस मामले में सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि पुलिस द्वारा धरने पर बैठे लोगों से ऐसी हरकत करना लोकतंत्र के लिए एक बेहद बुरी घटना है। हम पुरजोर विरोध करते हैं और हम तब तक यहीं बैठे रहेंगे जब तक पीड़िता और उसके परिवार को न्याय नहीं मिलता है। हालांकि पीड़िता एवं उसका परिवार थाने के बाहर ही बैठा है। उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल भी मामले को लेकर सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक से मिले थे। लेकिन उनके द्वारा कोई उचित कार्यवाही नहीं की गई। पीड़िता एवं उसके परिवार द्वारा दादिया थाने के बाहर सोमवार रात से ही धरना शुरू कर दिया गया था।

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SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

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