मोहम्मदाबाद: सफाई के दौरान गिरी कच्ची दीवार, महिला की मलबे में दबकर मौत
मोहम्मदाबाद के हमीरपुर गांव में सफाई करते समय कच्ची दीवार गिरने से 50 वर्षीय महिला की मौत। मलबे में दबने से हुई दर्दनाक घटना, गांव में पसरा मातम।
मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हमीरपुर में शुक्रवार की सुबह एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घर में दैनिक कार्यों में व्यस्त एक 50 वर्षीय महिला की कच्ची दीवार के नीचे दबने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
हादसे का विवरण
मृतका की पहचान 50 वर्षीय सुखदेवी पत्नी रूपलाल के रूप में हुई है। शुक्रवार की सुबह जब वे अपने घर के उस हिस्से में सफाई कर रही थीं, जहाँ मवेशी (भैंस) बांधे जाते हैं, तभी यह अनहोनी घटी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह दीवार काफी पुरानी और जर्जर अवस्था में थी। सफाई के दौरान अचानक दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे सुखदेवी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह मलबे के ढेर के नीचे दब गईं।
ग्रामीणों और परिजनों का संघर्ष
दीवार गिरने की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। मलबे के नीचे दबी सुखदेवी को निकालने के लिए ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई। कड़ी मशक्कत और संघर्ष के बाद उन्हें मलबे से बाहर तो निकाल लिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांव में शोक का माहौल
इस घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली, कोहराम मच गया। सुखदेवी के परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और घर के सदस्यों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा बेहद अप्रत्याशित था और किसी ने सोचा भी नहीं था कि सुबह की सामान्य दिनचर्या इस तरह एक बड़े हादसे में तब्दील हो जाएगी। स्थानीय निवासियों के बीच इस घटना को लेकर काफी शोक व्याप्त है।
प्रशासनिक कार्रवाई
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया। पुलिस बल ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति का जायजा लिया। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सुरक्षा के प्रति जागरूकता
यह घटना एक बार फिर उन पुराने और जर्जर ढांचों के प्रति सचेत करती है जो ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मौजूद हैं। बारिश या मौसम के बदलाव के कारण कच्ची दीवारें कमजोर हो जाती हैं, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
- जर्जर दीवारों की नियमित जांच करें।
- मानसून या भारी बारिश के दौरान कच्ची दीवारों के पास जाने से बचें।
- जोखिम भरे निर्माणों की मरम्मत समय रहते करवाएं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी ग्रामीणों से अपील की है कि वे बरसात के मौसम में जर्जर हो चुके घरों और कच्ची दीवारों के प्रति सावधानी बरतें ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। फिलहाल, हमीरपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई परिवार को सांत्वना देने के लिए जुटा है।
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