अमेठी: फर्जी मुकदमे की साजिश का ऑडियो वायरल, यूपी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

अमेठी: फर्जी मुकदमे की साजिश का ऑडियो वायरल, यूपी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

Jun 02, 2025 - 08:19
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अमेठी: फर्जी मुकदमे की साजिश का ऑडियो वायरल, यूपी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

अमेठी- फर्जी मुकदमे की साजिश का ऑडियो वायरल, यूपी पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

अमेठी। उत्तर प्रदेश – उत्तर प्रदेश पुलिस एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली में तैनात दरोगा हेम नारायण सिंह का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक व्यक्ति को अवैध तमंचे के साथ फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की योजना बनाते सुने जा रहे हैं। वायरल ऑडियो में दरोगा एक कथित मुखबिर हिमांशु से कहते हैं,

**"दो घंटे में एक 315 बोर चाहिए। पंडित को जेल भेजना है। जो भी पैसा होगा, हम दे देंगे।"** इस बातचीत ने न सिर्फ आम जनता को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी हड़कंप मचा दिया है। ### अखिलेश यादव ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस ऑडियो क्लिप को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा करते हुए यूपी सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, **"नए कार्यवाहक डीजीपी साहब के स्वागत में जारी, उप्र की ईमानदार पुलिस का स्तुति संवाद। नवागंतुक प्रथम विभागीय कार्रवाई करने का ये सुनहरा अवसर न गंवाएं... जनता अब ऐसे बहानों से तंग आ चुकी है।"

### अमेठी पुलिस ने दी सफाई मामला तूल पकड़ता देख अमेठी पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी कर पूरे मामले पर सफाई दी है। पुलिस का कहना है कि ऑडियो में 'मुखबिर' बताया जा रहा व्यक्ति एक आपराधिक प्रवृत्ति का इंसान है, जिसे 8 मई को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था और इसका रिकॉर्ड मौजूद है। प्रेस नोट में यह भी कहा गया कि जिस व्यक्ति को जेल भेजने की बात ऑडियो में हो रही है, उसे न तो थाने लाया गया और न ही उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज किया गया है। ### सवाल बरकरार भले ही पुलिस ने सफाई दी हो, लेकिन दरोगा की भूमिका और ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। क्या यह वाकई फर्जी बरामदगी और मनगढ़ंत केस का मामला है? क्या ऐसे पुलिसकर्मी कानून के रक्षक बन सकते हैं? यह प्रकरण न केवल यूपी पुलिस की छवि पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि क्या आम नागरिक आज भी सुरक्षित महसूस कर सकता है जब कानून का पालन कराने वाला ही कानून तोड़ने की बात करता सुनाई दे।

--- **यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया है, और सबकी निगाहें अब पुलिस महकमे और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।**

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