दिल्ली में अब 11 की जगह होंगे 13 जिले, 7 के नाम बदलेंगे, 2 नए भी बनेंगे

Nov 23, 2025 - 13:29
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दिल्ली में अब 11 की जगह होंगे 13 जिले, 7 के नाम बदलेंगे, 2 नए भी बनेंगे

राजधानी दिल्ली में व्यवस्था को बेहतर करने के लिए दिल्ली सरकार राजस्व जिलों की सीमा में बदलाव करने जा रही है। अब दिल्ली में 11 की जगह 13 जिले होंगे और 33 की जगह 39 सब डिवीजन होंगी। नए जिलों का परिसीमन निगम के जोन के हिसाब से किया गया है और अधिकांश के नाम भी निगम जोन पर ही रखे जा रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली सरकार के पास भेजे गए इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। सरकार जल्द यह प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास भेजेगी और उनकी मंजूरी के बाद परिसीमन में बदलाव हो जाएगा। सरकार दिल्ली में ऐसे जिले गठित करना चाहती है, जहां कानून व्यवस्था को छोड़कर बाकी मुद्दों के लिए एक ही कार्यालय हो। लोगों को अलग-अलग दफ्तरों में भटकना न पड़े। इसके लिए निगम जोन के अनुरूप ही सरकार राजस्व जिलों का गठन करने जा रही है।

राजधानी में कुल 13 जनपद हो जाएंगे प्रस्तावित जिले :-

ये सब डिवीजन होंगे शामिल (एसडीएम क्षेत्र) पुरानी दिल्ली :-

सदर बाजार, चांदनी चौक मध्य डिफेंस :- कॉलोनी, कालकाजी नई दिल्ली :- दिल्ली कैंट, नई दिल्ली सिविल लाइंस :- अलीपुर, आदर्श नगर, बादली करोल बाग :- मोती नगर, करोल बाग केशव पुरम :- शालीमार बाग, शकूर बस्ती, मॉडल टाउन नरेला :- मुंडका, नरेला, बवाना नजफगढ़ जिला :- कापसहेड़ा, द्वारका, नजफगढ़, बिजवासन-वसंत विहार रोहिणी :- किराड़ी, मंगोलपुरी, रोहिणी शाहदरा दक्षिण :- गांधी नगर, विश्वास नगर, कोंडली शाहदरा उत्तर :- करावल नगर, सीमापुरी, सीलमपुर, शाहदरा दक्षिण :- महरौली, मालवीय नगर, देवली, आरके पुरम पश्चिम :- विकासपुरी, जनकपुरी, मादीपुर जिलों का परिसीमन बड़ी राहत देगा - दिल्ली सरकार द्वारा जिलों की संंख्या को बढ़ाना एवं उनका परिसीमन निगम जोन के अनुरूप करना लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।

 सरकार के इस निर्णय से उन लाखों लोगों को लाभ होगा जिन्हें अपने कार्यों को कराने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। जिलों का परिसीमन एवं नाम तय : दिल्ली सरकार द्वारा इस पहल का मकसद 13 नए मिनी सचिवालय गठित करना है जहां एक ही दफ्तर में लोगों की सरकार से संबंधित सभी समस्याओं का समाधान हो। यही वजह है कि दिल्ली सरकार ने निगम जोन को ध्यान में रखते हुए जिलों का परिसीमन एवं नाम तय किए हैं। दिल्ली सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अभी के समय में लोगों को अपने क्षेत्र की समस्याओं के लिए अलग-अलग दफ्तर जाना पड़ता है। कई बार एक दफ्तर शिकायतकर्ता को दूसरे विभाग का कार्यक्षेत्र बताकर उन्हें दूसरे दफ्तर में भेज देता है।

ऐसे में दफ्तरों के चक्कर काटने से न केवल उस दिल्लीवासी को परेशानी होती है बल्कि सरकार की छवि भी खराब होती है। दिल्ली में सरकार का गठन होने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह तय किया कि प्रत्येक जिले के लिए एक मिनी सचिवालय बनाया जाएगा। दिल्ली सरकार द्वारा निगम के 11 जोन के नाम जिले के लिए अपनाए गए हैं। वहीं, सदर जोन की जगह जिले का नाम पुरानी दिल्ली होगा। सरकार के पास भेजे गए प्रस्ताव में केवल तीन ऐसे जिले (दक्षिण, नजफगढ़, शाहदरा उत्तर) हैं जिनके पास चार-चार सब डिवीजन होंगी। सात जिलों के पास तीन सब डिवीजन जबकि तीन जिलों में केवल दो सब डिवीजन रखी जाएंगी। यमुना पार क्षेत्र में अब पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी जिला नहीं होंगे। इनकी जगह शाहदरा उत्तरी-एवं शाहदरा दक्षिण जिला होंगे। उत्तरी जिला की जगह सिविल लाइंस एवं पुरानी दिल्ली जिला होंगे। दक्षिण-पश्चिम जिला के अधिकांश क्षेत्र अब नजफगढ़ जिला में होंगे।