अंतरिक्ष से दुनिया के जंगलों पर नजर

Apr 19, 2025 - 07:29
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अंतरिक्ष से दुनिया के जंगलों पर नजर

दुनिया के उष्णकटिबंधीय वन पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग के कुछ सबसे बुरे प्रभावों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे वायुमंडल से बहुत अधिक कार्बन डाईआक्साइड को अवशोषित करते हैं। एक अनुमान के अनुसार वे वायुमंडल से लगभग आठ अरब टन कार्बन डाईआक्साइड लेते हैं। इन वनों को अक्सर पृथ्वी के हरे फेफड़ों के रूप वर्णित किया जाता है, लेकिन वनों की कटाई और पर्यावरण के क्षरण से वनों की भूमिका कमजोर हो रही है।

कार्बन जो वनों में कभी बहुत अधिक मात्रा में संग्रहीत था, वापस वायुमंडल में डाला जा रहा है। इससे ग्रीनहाउस गैसों का स्तर बढ़ रहा है। भविष्य में ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों से निपटने के लिए हमें अपने उष्णकटिबंधीय वनों के स्वास्थ्य के बारे में जानने की आवश्यकता है। इसके लिए विज्ञानियों ने दुनिया के सबसे दूरस्थ और सबसे घने उष्णकटिबंधीय जंगलों के विस्तृत उडी मानचित्र बनाने की योजना बनाई है। यह काम अंतरिक्ष में एक विशेष रडार स्कैनर को तैनात करके किया जाएगा। इस स्कैनर को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बायोमास नामक अंतरिक्ष यान में लगाया गया है, जिसे 29 अप्रैल को फ्रेंच गुयाना से पृथ्वी की कक्षा में प्रक्षेपित किया जाएगा। बायोमास के रडार को पी-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार के रडार को पहले कभी अंतरिक्ष में नहीं उड़ाया गया है।

अगले पांच वर्षों तक 1.25 टन वजनी अंतरिक्ष यान अफ्रीका, एशिया और दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों पर नजर रखेगा और रडार के दीर्घ वेवलेंथ संकेतों के जरिये नीचे की वनस्पति का अध्ययन करेगा। बायोमास द्वारा एकत्र किए गए डाटा का उपयोग जंगलों के अनूठे 3डी मानचित्र बनाने के लिए किया जाएगा। इन जंगलों का बड़ा हिस्सा मानव दृष्टि से छिपा हुआ है। इन क्षेत्रों में दो प्रतिशत से भी कम सूरज की रोशनी वन तल तक पहुंचती है। फिर भी बायोमास 600 किलोमीटर से अधिक की ऊंचाई से इन अद्भुत जंगलों का विस्तार से अध्ययन करेगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मिशन विज्ञानियों को यह गणना करने में मदद करेगा कि जंगलों में पेड़ों के तलों और शाखाओं पर कितना कार्बन जमा है।

मिशन यह पता लगाएगा कि मनुष्यों द्वारा पेड़ों को काटने और वायुमंडल में कार्बन डाईआक्साइड के स्तर को बढ़ाने के कारण वनों में जमा कार्बन के स्तरों में किस तरह से बदलाव हो रहा है। यह इस बारे में भी डाटा प्रदान करेगा कि खनन और कृषि के लिए जंगलों को साफ करने से जैव-विविधता किस दर से नष्ट हो रही है। बायोमास हमें वनों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा। विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब

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