अंबेडकर व्यान पर लालूप्रसाद यादव ने अमितशाह को बताया पागल

अंबेडकर व्यान पर लालूप्रसाद यादव ने अमितशाह को बताया पागल

Dec 19, 2024 - 18:30
0 10
अंबेडकर व्यान पर लालूप्रसाद यादव ने अमितशाह को बताया पागल

block-350 block-350

Lalu Prasad Yadav: संसद में भारत के संविधान के 75 सालों के गौरवशाली यात्रा पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) द्वारा भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी से बवाल मच गया है। इसको लेकर अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अमित शाह पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अमित शाह पागल हो गए हैं. उनको बाबा साहेब अंबेडकर से घृणा है

 उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. राजनीति से संन्यास लेकर भाग जाना चाहिए। दरअसल बीते मंगलवार को संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से अंबेडकर के बारे में की गई टिप्पणी पर सियासत गरमाई हुई है. विपक्ष घेर रहा है. आरोप लगाया जा रहा है कि शाह ने अंबेडकर का अपमान किया है. दलितों का अपमान हुआ है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी दर्शाती है कि बीजेपी और आरएसएस के नेताओं में अंबेडकर के प्रति काफी नफरत है. बता दें कि अमित शाह ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि, "एक फैशन हो गया है- अंबेडकर, अंबेडकर... इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। अब संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष इस मुद्दे को जोर शोर से उठा रहा है।

धरना-प्रदर्शन बयानबाजी का दौर जारी है. वहीं बढ़ते विवाद के बीच अमित शाह ने सफाई दी है कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. उन्होंने ये भी बताया कि कांग्रेस ने हमेशा अंबेडकर का किस तरह अपमान किया। इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को भीमराव अंबेडकर पर अमित शाह की टिप्पणी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उन्होंने कहा था कि गृह मंत्री अमित शाह को रात 12 बजे से पहले बर्खास्त कर देना चाहिए. मोदी और शाह एक-दूसरे के पापों और बातों का बचाव करते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
SuragBureau

Surag Bureau पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। हमारा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना हैं।

Comments (0)

User