महिला अस्पताल में चारू चौधरी का औचक छापा, अल्ट्रासाउंड से लेकर सिजेरियन तक पर उठे सवाल; गंदी चादर देख भड़कीं
महिला अस्पताल में चारू चौधरी का औचक छापा, अल्ट्रासाउंड से लेकर सिजेरियन तक पर उठे सवाल; गंदी चादर देख भड़कीं
फर्रुखाबाद/ राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने सोमवार दोपहर लोहिया महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। करीब साढ़े बारह बजे अस्पताल पहुंचीं उपाध्यक्ष ने ओपीडी, बाल रोग विभाग, लेबर रूम, प्रसूता वार्ड और काउंसलिंग रूम का बारीकी से निरीक्षण किया। मरीजों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अस्पताल प्रशासन को कई आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में एक महिला मरीज ने समय पर अल्ट्रासाउंड न होने की शिकायत की। इस पर चारू चौधरी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. धीर सिंह को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को जांच के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बाल रोग विभाग में निरीक्षण के दौरान रजिस्टर में मात्र 63 बच्चों का पंजीकरण मिलने और पिछले दिनों का रिकॉर्ड भी अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
डॉक्टर के कक्ष में गंदी चादर देखकर उन्होंने तुरंत उसे बदलवाने के निर्देश दिए और अस्पताल में साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा सवाल सिजेरियन ऑपरेशन की कम संख्या को लेकर उठा। लेबर रूम के रिकॉर्ड में पिछले दो दिनों में केवल एक सिजेरियन डिलीवरी दर्ज मिलने पर उपाध्यक्ष ने सीएमएस से जवाब तलब किया। हालांकि सामान्य प्रसव की संख्या संतोषजनक मिलने पर उन्होंने राहत भी जताई। इसके बाद उन्होंने प्रसूता वार्ड में भर्ती महिलाओं से बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। मरीजों ने इलाज और दवाओं को लेकर कोई गंभीर शिकायत नहीं की। चारू चौधरी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अस्पताल प्रशासन को निरीक्षण की सूचना पहले से मिल गई थी, इसलिए व्यवस्थाएं बेहतर नजर आ रही हैं। इस पर सीएमएस डॉ. धीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में नियमित निगरानी रखी जाती है और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल में सर्जरी के कम मामलों की मुख्य वजह विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी मरीज के पर्चे पर बाहर की दवा नहीं लिखी मिली, जो सकारात्मक बात है। मरीजों ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर कोई बड़ी शिकायत नहीं की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और सीएमएस के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों में बेहतर सेवाएं देने का प्रयास दिखाई देता है। शहर में लगातार लावारिस नवजात मिलने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए चारू चौधरी ने कहा कि महिलाओं और परिवारों की प्रभावी काउंसलिंग बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही 'तेरे मेरे सपने' अभियान शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही नवजातों को लावारिस छोड़ने की घटनाओं की भी गंभीरता से जांच कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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