मैनपुरी: प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, अस्पताल सील और डॉक्टर पर मुकदमा
मैनपुरी के कुरावली में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद माँ अंजनी हॉस्पिटल सील कर दिया गया है। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश जारी है।
कुरावली थाना क्षेत्र के घिरोर रोड पर स्थित माँ अंजनी हॉस्पिटल में हुई एक दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ प्रसव के दौरान एक 24 वर्षीय प्रसूता ललिता और उसकी नवजात बच्ची की असामयिक मृत्यु ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पूरी तरह से उजाड़ दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, औंछा थाना क्षेत्र के कनिकपुर महलोई निवासी सचिन अपनी पत्नी ललिता को प्रसव के लिए 30 सितंबर को माँ अंजनी हॉस्पिटल लेकर आए थे। ललिता का विवाह करीब एक साल पहले ही हुआ था और यह उसका पहला प्रसव था। अस्पताल की संचालिका डॉ. सुमन यादव ने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। हालांकि, अस्पताल प्रशासन के ये दावे खोखले साबित हुए।
देर रात सामान्य प्रसव के तुरंत बाद नवजात बच्ची की मौत हो गई। इसके कुछ ही समय बाद प्रसूता ललिता की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण ललिता को समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका, जिसके चलते रात करीब 11 बजे उसने भी दम तोड़ दिया। इस दोहरी त्रासदी से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और मामले की सूचना पुलिस को दी।
प्रशासनिक कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की। परिजनों की ओर से राजू (मृतका के चचिया ससुर) द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. सुमन यादव के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर अस्पताल से फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी त्वरित कदम उठाते हुए अस्पताल को सील कर दिया है, जिससे अस्पताल की सभी चिकित्सा गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई हैं। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या अस्पताल के पास वैध पंजीकरण और पर्याप्त सुविधाएं मौजूद थीं।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल
इस घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि छोटे कस्बों में बिना पूर्ण सुविधाओं और प्रशिक्षित स्टाफ के अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को समय-समय पर इन अस्पतालों का औचक निरीक्षण करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं को रोका जा सके।
मुख्य बिंदु:
- प्रसव के दौरान लापरवाही के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मृत्यु।
- आरोपी डॉ. सुमन यादव के खिलाफ कुरावली थाने में मुकदमा दर्ज।
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील किया गया।
- आरोपी चिकित्सक की तलाश में पुलिस की दबिश जारी।
फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह मामला जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है और निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रति आम जनता का भरोसा डगमगा गया है।
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