प्रसव के कुछ घंटे बाद विवाहिता की मौत, नवजात घायल: शिवा हॉस्पिटल पर लापरवाही के गंभीर आरोप

May 25, 2026 - 06:43
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प्रसव के कुछ घंटे बाद विवाहिता की मौत, नवजात घायल: शिवा हॉस्पिटल पर लापरवाही के गंभीर आरोप

प्रसव के कुछ घंटे बाद विवाहिता की मौत, नवजात घायल: शिवा हॉस्पिटल पर लापरवाही के गंभीर आरोप

परिजनों ने लगाया बिना मान्यता अस्पताल चलाने का आरोप, घटना के बाद संचालक व स्टाफ फरार 

फर्रुखाबाद/कायमगंज। कायमगंज क्षेत्र में प्रसव के कुछ घंटे बाद एक 22 वर्षीय विवाहिता की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने पुलिया के पास बस स्टैंड के पीछे संचालित शिवा हॉस्पिटल पर गंभीर लापरवाही, गलत इलाज और बिना मान्यता अस्पताल संचालन के आरोप लगाए हैं। वहीं नवजात बच्ची के घायल होने के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है। मृतका चांदनी शाक्य पत्नी अवकाश शाक्य निवासी गऊटोला बताई गई हैं। चांदनी की शादी 14 नवंबर 2024 को हुई थी और यह उसका पहला प्रसव था। मृतका के पिता राम भरोसे निवासी करौली गढ़िया, जैथरा के पास बताए गए हैं। परिजनों के अनुसार प्रसव पीड़ा होने पर पहले चांदनी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह एक रात तक भर्ती रही। अगले दिन दोपहर करीब एक बजे उसे शिवा हॉस्पिटल ले जाया गया। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और नर्सों के पास कोई वैध डिग्री या प्रमाणपत्र नहीं था।

परिवार का कहना है कि शाम करीब साढ़े पांच बजे अस्पताल में डिलीवरी कराई गई, लेकिन प्रसव के दौरान नवजात बच्ची के सिर में चोट आ गई और उसके हाथ टेढ़े दिखाई देने लगे। बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे बाल गोपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत बताते हुए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। आरोप है कि डिलीवरी के कुछ घंटे बाद ही रात करीब साढ़े आठ बजे महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचने के बाद अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और उसने हाथ-पैर चलाना बंद कर दिया। घबराए परिजन उसे दोबारा शिवा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने बीपी लो होने की बात कहकर फर्रुखाबाद रेफर कर दिया।

इसके बाद परिजन महिला को द केयर हॉस्पिटल और फिर माया हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते भर्ती नहीं किया गया। अंततः जब महिला को लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल संचालक काशिफ खान समेत पूरा स्टाफ अस्पताल में ताला डालकर फरार हो गया। परिवार का यह भी कहना है कि अस्पताल संचालकों ने इलाज से संबंधित कोई दस्तावेज या पर्ची नहीं दी, केवल एक विजिटिंग कार्ड थमा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिना मान्यता कई अस्पताल संचालित हो रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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