लखनऊ में ‘जनगणना 2027’ को लेकर बड़ी तैयारी, 7 मई से शुरू होगी स्व-गणना

May 2, 2026 - 21:13
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लखनऊ में ‘जनगणना 2027’ को लेकर बड़ी तैयारी, 7 मई से शुरू होगी स्व-गणना
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लखनऊ में ‘जनगणना 2027’ को लेकर बड़ी तैयारी, 7 मई से शुरू होगी स्व-गणना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ‘जनगणना 2027’ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में इस महाअभियान की रूपरेखा और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जो 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक चलेगा। वहीं दूसरा चरण, यानी जनसंख्या गणना, फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई 2026 के बीच स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प लोगों के लिए उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। श्रीमती वर्मा ने स्पष्ट किया कि स्व-गणना पूरी तरह ऐच्छिक है। 

इसके बावजूद, निर्धारित अवधि में प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी का सत्यापन करेंगे। स्व-गणना करने पर एक **SE ID** जनरेट होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना अनिवार्य होगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी, जो देश में पहली बार होगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस कार्य के लिए **5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों** की तैनाती की गई है, जिनमें प्रगणक, पर्यवेक्षक, मास्टर ट्रेनर्स और फील्ड ट्रेनर्स शामिल हैं। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी। यह जानकारी न तो किसी विभाग के साथ साझा की जाएगी और न ही टैक्स या पुलिस जांच में इसका उपयोग किया जा सकेगा। इसका उपयोग केवल समेकित रूप में विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राज्य के 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और लगभग 1.04 लाख गांवों** में यह कार्य संचालित किया जाएगा। इसके लिए करीब 3.9 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जनगणना 2027 से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए सरकार ने **टोल-फ्री नंबर 1855** भी जारी किया है। अंत में श्रीमती शीतल वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें और जनगणना कर्मियों को सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि बेहतर जनकल्याणकारी योजनाएं बनाई जा सकें।