राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु समर्पित होकर कार्य करने के संकल्प के‌‌ साथ सम्पन्न

Mar 20, 2026 - 18:41
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राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु समर्पित होकर कार्य करने के संकल्प के‌‌ साथ सम्पन्न

राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सम्मेलन 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु समर्पित होकर कार्य करने के संकल्प के‌‌ साथ सम्पन्न

भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय लखनऊ के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रा.से.यो. सम्मेलन के दूसरे दिन आज कई प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई। सम्मेलन के दूसरे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ विभिन्न विश्वविद्यालयों के कार्यक्रम समन्वयक,कार्यक्रम अधिकारी एवं स्वयंसेवकों द्वारा विभिन्न समूहों पर रा.से.यो. के समक्ष चुनौतियों और समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई। क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना ने सभी आगंतुकों एवं रा.से.यो. कार्यक्रम अधिकारियों का परिचय देने के पश्चात रा.से.यो. की राष्ट्रीय स्तर पर उपयोगिता एवं उसके राष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने वाले एकीकृत रूप के विषय एवं उपयोगिता पर बात की। मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने समस्याओं को हल करने, लोगों से वार्तालाप के माध्यम से इन्हें दूर करने के प्रयास द्वारा रा.से.यो. के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता हैं। उन्होंने अपने रा.से.यो. स्वयंसेवक जीवन और अनुभव को भी साझा करते हुए अनुभवी लोगों के कार्यों का लाभ उठाकर रा.से.यो. के कार्यों को और अधिक सफल बनाने पर बात की।

द्वितीय दिवस के शुभारंभ सत्र का राज्य संपर्क अधिकारी डॉ मंजू सिंह ने मुख्य अतिथि एवं युवा अधिकारी कोमल सिंह का आभार व्यक्त किया और सभी आयोजकों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। जिसके उपरांत रा.से.यो. के पूर्व राज्य संपर्क अधिकारी सत्येंद्र जी ने रा.से.यो. को काम नहीं सेवाभाव से जोड़ते हुए इसे आनंद से और छोटे छोटे दायित्वों की पूर्ति करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एक शिक्षक बनकर हम छात्रों से इतना आत्मीय नहीं हो पाते, जितना रा.से.यो. के अधिकारी के कार्यकाल में हो जाते हैं। जिज्ञासु स्वयंसेवक ही राष्ट्र की सच्ची सेवा कर सकते हैं और प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं। तकनीकी सत्र में अलग अलग 4 जोन के अधिकारियों ने अपने विषय पर प्रेजेंटेशन दी। जिसमें रा.से.यो. स्वयंसेवक, पंजीकरण, कार्य पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के समन्वयक डॉ सत्यपाल पाल सिंह ने किया। जिन्होंने कार्यक्रम समन्वयक,अधिकारी और स्वयंसेवक के परस्पर रा.से.यो. से जुड़ने के बारे में बताया और क्यों जुड़े इसपर विस्तार से बताया। इसी क्रम में दूसरे जोन में आगरा विश्वविद्यालय की समन्वयक प्रो. पूनम तिवारी जी ने रा.से.यो. और माय भारत के परस्पर संबंध, डिजिटल इंगेजमेंट और सोशल मीडिया प्रमोशन पर विस्तार से समझाया और कहा कि इसके माध्यम से कहीं न कहीं युवा जुड़कर स्वयंसेवक का राष्ट्रीय स्तर पर पहचान होती हैं। उन्हें माध्यम प्राप्त होता हैं अपनी खूबियों को पहचानने का। इसके साथ ही रा.से.यो. के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं और उनके सुझावों पर बात की। इसके बाद जोन 3 में रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सोमपाल सिंह एवं डॉ गौरव ने रा.से.यो. में बढ़ने वाली गतिविधियों और दस्तावेज संकलित और जुटाने से संबंधित समस्या पर बात करते हुए इसके लाभ और सरकार को रिपोर्ट करने में सहायक होने पर विस्तार से बताया। आज के युग में डाटा कलेक्शन डिजिटल रूप में रखें जिसमें फोटोग्राफी की क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। समय से इकाई अनुमति और फंड न मिलने से कार्यक्रमों को समय से करने में समस्याओं के बारे में भी चर्चा की।

तकनीकी सत्र के अगले सत्र में सत्र अध्यक्ष के रूप में पूर्व मंत्री भारत सरकार कौशल किशोर और वक्ता के रूप में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी से डॉ बाला लखेंद्र जी ने नशा मुक्त भारत की परिकल्पना पर विस्तार से चर्चा की। डॉ बाला लखेंद्र ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र हैं, जिसमें 1.58 करोड़ बच्चे से युवा नशे के शिकार हैं। भारत में लगभग 20 खरब रुपए प्रतिवर्ष नशे में खर्च हो जाता हैं। उत्तर प्रदेश की बात करें तो 3.86 करोड़ लोग शराब के नशे के शिकार हैं और कुल 5.6 करोड़ लोग नशे से ग्रस्त हैं। सामाजिक समस्या में संगत, सोशल मीडिया और वेबसीरीज से प्रभाव के बारे में बताया एवं बेरोजगारी से डिप्रेशन नशे के लिए मजबूर बना देती हैं, रिश्तेदारी में हास, लोगों से टकराव जिसके कारण व्यक्ति नशे को अपनाता हैं। नशा मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाने हेतु भारत सरकार द्वारा अनेक संस्थाओं के साथ मिलकर इसके लिए कार्य करने के बारे में बताया। रा.से.यो. स्वयंसेवकों को इससे जोड़कर नशा मुक्ति कार्यक्रम अत्यधिक सफल बनाए जा सकते हैं, पारिवारिक भागीदारी सुनिश्चित होने,चिकित्सकों के परामर्श,पुनर्वास केंद्र के सहयोग, मजबूत भावनात्मक संबंध एवं नशे मुक्ति शपथ के साथ हम नशा मुक्त भारत के संकल्प को साकार कर सकते हैं, इस विषय पर जानकारी प्रकार की। सत्र के अध्यक्ष कौशल किशोर ने नशे से परेशान युवा की बात करते हुए बताया कि जिस प्रकार भोजन शरीर की आवश्यकता हैं उसी प्रकार नशे वाले व्यक्ति को नशा उसके दिमाख की जरूरत बन जाता हैं। दोस्त,रिश्तेदार,करिवर आदि सभी नशे से दूर रहेंगे तो हमारा वातावरण नशा मुक्त रहेगा जिससे हमारी आगे की पीढ़ी इससे बच सकेगी। एक जानवर को नशे के पौधों की जानकारी होती हैं, फिर ईश्वर के द्वारा निर्मित बुद्धिमान मनुष्य को क्यों नहीं। समारोहों में मात्र एल्कोहॉल के प्रयोग पर रोक लगानी चाहिए। मात्र सरकारी प्रयत्न या रोक नशे और शराब को प्रतिबंधित नहीं कर सकती। शिक्षाविदों को इस पर जागरूक रूप से कार्य करना चाहिए। रा.से.यो. का उद्देश्य ही यही हैं देश,विश्व,समाज को बुराइयों से दूर करें और नशामुक्त समाज का निर्माण करें। सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाकर अपने साथियों,स्वयंसेवकों, परिवार,परिवेश को नशा मुक्त बनाने पर संकल्प दिलाया। इसके अगले सत्र में उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव गिरजेश त्यागी ने रा.से.यो. के माध्यम के बारे में बात करते हुए बताया कि इसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाव निखरती हैं, जिसमें संजीदगी से काम करने की आवश्यकता हैं। रेगुलर मॉनिटरिंग ही समस्या का समाधान प्रस्तुत करती हैं। समस्या का समाधान समय से होना चाहिय। कार्यक्रम समय से करवाने,उपयोग प्रमाण पत्र,भेजने व गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम करवाने पर जोर देना चाहिए़। रा.से.यो. का उद्देश्य कार्यक्रम सम्पन्न करवाना,फंड का उपयोग करना नहीं होना चाहिए, बल्कि स्वयंसेवकों के अंदर राष्ट्रभाव का संकल्प भी डालना चाहिए़। शिक्षा मात्र उद्देश्य नहीं बल्कि कर्तव्य बोध व राष्ट्रभावना मुख्य होनी चाहिए। जिससे विकसित भारत की संकल्पना साकार हो सके। स्वयंसेवक सुमित सिंह द्वारा सत्र के अतिथियों और वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कार्यक्रम समन्वयक , कार्यक्रम अधिकारी,पूर्व अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, रा.से.यो. पुरस्कार प्राप्त एवं गणतंत्र दिवस प्रतिभागी स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सम्मेलन में युवा अधिकारी राजेश तिवारी,प्रशांत मेरवाने, क्षेत्रीय निदेशालय लखनऊ से अश्वनी, शुभंकर, लोकेंद्र, अनुपमा, रोशन आदि उपस्थित रहें।

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