फ़र्रुखाबाद को बड़ी सौगात: गंगा और रामगंगा सहित 6 नदियों पर बनेंगे फोरलेन पुल, ₹753 करोड़ मंजूर
फ़र्रुखाबाद को बड़ी सौगात: गंगा और रामगंगा सहित 6 नदियों पर बनेंगे फोरलेन पुल, ₹753 करोड़ मंजूर।
फर्रुखाबाद/जिले के विकास और यातायात को रफ्तार देने के लिए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गंगा, रामगंगा और काली नदी सहित कुल छह महत्वपूर्ण पुलों को 'फोरलेन' बनाने की मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 753.60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। जाम और जर्जर पुलों से मिलेगी मुक्ति। इटावा-बरेली हाईवे (730C) को पहले ही फोरलेन में तब्दील किया जा चुका है, लेकिन नदियों पर बने पुराने पुल संकरे होने के कारण यहाँ 'बॉटलनेक' की स्थिति बनी रहती थी। विशेषकर गंगा और रामगंगा पर बने पुल काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं। मरम्मत के दौरान अक्सर इन पुलों पर ट्रैफिक को 'वन-वे' करना पड़ता था, जिससे यात्रियों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता था।
पुलों की नई रूपरेखा। सांसद मुकेश राजपूत के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन पुलों के निर्माण को हरी झंडी दिखाई है। योजना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: चौड़ाई में वृद्धि: वर्तमान में इन पुलों की चौड़ाई मात्र 10 मीटर है, जिसे बढ़ाकर 22 मीटर से अधिक किया जाएगा। प्रमुख स्थान: पांचाल घाट स्थित गंगा, रामगंगा और काली नदी के तीन बड़े पुलों के अलावा, बघार के दो और महमदपुर का एक पुल भी फोरलेन बनाया जाएगा। कनेक्टिविटी: इससे भिंड-लिपुलेख कॉरिडोर पर आवाजाही सुगम होगी। पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया (X) के माध्यम से बताया कि इन पुलों के बनने से जिले में पर्यटन और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे। पुलों के निर्माण से बौद्ध तीर्थस्थल संकिसा और धार्मिक स्थल पांचाल घाट तक पहुंचना आसान होगा। इसके साथ ही रामनगरिया मेला आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।" इन पुलों के बनने से न केवल स्थानीय व्यापार और उद्योगों को गति मिलेगी, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन का भी विस्तार होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि निर्माण कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

