मैनपुरी: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़
मैनपुरी पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक और शातिर को गिरफ्तार किया। जानें कैसे फर्जी कॉल सेंटर चलाकर युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना।
मैनपुरी में साइबर क्राइम पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस गिरोह के खिलाफ पूर्व में भी सख्त कदम उठाए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप अब तक कुल छह अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त अर्जुन सिंह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अर्जुन मूल रूप से संभल का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के मयूर विहार इलाके में रह रहा था। उसने बताया कि ठगी का यह पूरा खेल उसने नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम करते हुए सीखा था। पिछले दो वर्षों से वह 'एम.एस. सॉल्यूशन' के नाम से एक फर्जी फर्म चला रहा था, जिसका एकमात्र उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाना था।
यह गिरोह बड़ी ही चालाकी से अपना जाल बुनता था। उनके काम करने का तरीका कुछ इस प्रकार था:
- डेटा का अवैध उपयोग: गिरोह मॉन्स्टर.काम जैसी जॉब पोर्टल्स से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं का डेटा अवैध रूप से खरीदता था।
- टारगेटेड निशाना: इनका मुख्य केंद्र दक्षिण भारत के राज्यों के आवेदक होते थे, जिन्हें ईमेल के माध्यम से लुभावने जॉब ऑफर भेजे जाते थे।
- धोखाधड़ी का जाल: नौकरी का झांसा देने के बाद, आवेदकों से पंजीकरण शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट और प्रशिक्षण के नाम पर मोटी रकम जमा कराई जाती थी।
- फंड का ट्रांजैक्शन: ठगी की गई राशि को विभिन्न 'म्यूल बैंक खातों' में मंगाया जाता था, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। इसके बाद एटीएम के जरिए पैसा निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस टीम ने इस कार्रवाई के दौरान अभियुक्त के पास से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें दो मोबाइल फोन, 15,200 रुपये की नकद राशि, दो एटीएम कार्ड और दो चेकबुक शामिल हैं। पुलिस अब इन साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
थाना साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह और साइबर सेल प्रभारी रोहिताश सिंह की टीम ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच को अंजाम तक पहुंचाया। पुलिस का कहना है कि अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की गहराई से छानबीन की जा रही है। साथ ही, उन अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है जो इस साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं।
युवाओं के लिए सतर्कता संदेश
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। किसी भी कंपनी में नौकरी के लिए पैसे की मांग करना पूरी तरह से संदिग्ध होता है। किसी भी अनजान ईमेल या कॉल पर भरोसा करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और उसके पते की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। यदि कोई आपसे नौकरी के बदले बैंक खाते में पैसे डालने को कहता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं और नजदीकी साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। मैनपुरी पुलिस इस मामले में लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि ठगों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)