मैनपुरी: 'मिशन शक्ति 6.0' के तहत बाल विवाह मुक्त समाज का संकल्प
मैनपुरी में मिशन शक्ति 6.0 के तहत बाल विवाह उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। जिला प्रशासन ने महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता पर जोर दिया।
मैनपुरी की तहसील कुरावली में आयोजित 'संपूर्ण समाधान दिवस' का मंच इस बार एक विशेष सामाजिक संदेश का साक्षी बना। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल प्रशासनिक समस्याओं का निस्तारण किया गया, बल्कि समाज की एक गंभीर कुप्रथा 'बाल विवाह' को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया गया। 'मिशन शक्ति-6.0' के अंतर्गत आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ए.एन.एम. और महिला पुलिसकर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के प्रति समाज की दृष्टि में सकारात्मक परिवर्तन आया है। सरकार की विभिन्न स्वावलंबन योजनाओं का लाभ उठाकर आज बेटियां न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं, बल्कि देश और प्रदेश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला प्रशासन मातृशक्ति की रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बाल विवाह जैसी कुरीतियां न केवल कानूनी अपराध हैं, बल्कि वे बेटियों के सपनों को भी सीमित करती हैं, जिन्हें समाप्त करना हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने विशेष रूप से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक ऐसे भेदभाव-रहित और सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना समय की मांग है, जहां हर बेटी को बेहतर शिक्षा और समान अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने समाज के प्रत्येक नागरिक से अपील की कि वे 'मिशन शक्ति' अभियान से जुड़कर महिलाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान के प्रति अधिक जागरूक बनें। एसपी ने कहा कि जब समाज खुद जागरूक होता है, तभी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी और जागरूकता
बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा ने कार्यक्रम के दौरान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित योजनाओं पर चर्चा की:
- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: अनाथ बच्चों के भरण-पोषण और शिक्षा के लिए सहायता।
- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता।
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकारी सहयोग।
इन योजनाओं के माध्यम से न केवल आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी मदद मिल रही है। उपस्थित अधिकारियों ने इन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुँचाने के लिए पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता और कुरावली के उप जिलाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह सहित जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन इस दृढ़ संकल्प के साथ हुआ कि मैनपुरी को एक सुरक्षित और बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की दिशा में प्रशासन और जनता मिलकर निरंतर कार्य करेंगे। यह पहल निश्चित रूप से जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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