मिशन शक्ति: एटा में छात्रा चांदनी बनीं एक दिन की सहायक आयुक्त खाद्य
मिशन शक्ति के तहत एटा में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा चांदनी को एक दिन के लिए सहायक आयुक्त खाद्य के पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई।
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'मिशन शक्ति' का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाना है। इसी दिशा में एटा जिले के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक सराहनीय पहल की। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की मेधावी छात्रा कुमारी चांदनी को एक दिन के लिए सहायक आयुक्त खाद्य (Assistant Commissioner Food) की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अनूठे अनुभव ने न केवल छात्रा के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली की बारीकियों से भी रूबरू कराया।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली और खाद्य सुरक्षा का अनुभव
अपने एक दिवसीय कार्यकाल के दौरान, चांदनी ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विमल कुमार ने उन्हें विभाग की दैनिक कार्यप्रणाली, खाद्य पदार्थों के नमूना संग्रहण (Sampling) की वैज्ञानिक प्रक्रिया और प्रयोगशाला परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रा ने अत्यंत उत्सुकता के साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने के तरीकों को सीखा और समझा कि कैसे एक अधिकारी जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए कार्य करता है।
इस दौरान चांदनी ने अपनी सजगता का परिचय देते हुए स्थानीय स्तर पर खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका वाली कुछ दुकानों के नाम और पते अधिकारियों के समक्ष रखे। उन्होंने पूछा कि आम नागरिक कैसे मिलावटी सामान की पहचान कर सकते हैं और शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों ने उनकी सतर्कता की सराहना की और संबंधित दुकानों के खिलाफ नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया। यह संवाद दर्शाता है कि यदि युवाओं को अवसर मिले, तो वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझ सकते हैं।
औषधि विभाग की कार्यप्रणाली को समझा
खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ औषधि सहायक श्री राजकिशोर ने चांदनी को औषधि विभाग (Drug Department) के दायित्वों से अवगत कराया। उन्हें बताया गया कि मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कैसे किया जाता है, दवाओं की गुणवत्ता की जांच किन मानकों पर होती है और बिना लाइसेंस के दवा बेचने वालों पर क्या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह अनुभव छात्रा के लिए शिक्षाप्रद रहा, क्योंकि उन्हें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के नियामक पहलुओं को करीब से देखने का मौका मिला।
मिशन शक्ति का व्यापक प्रभाव
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि उन्हें समाज के हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करना भी है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से बालिकाओं के मन में यह विश्वास पैदा होता है कि प्रशासनिक पद कोई दूर की वस्तु नहीं हैं, बल्कि सही दिशा में मेहनत करके वे भी भविष्य में इन पदों पर आसीन हो सकती हैं।
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:
- जन जागरूकता: आमजन को खाद्य पदार्थों की शुद्धता के प्रति जागरूक करना।
- नेतृत्व क्षमता: बालिकाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना।
- पारदर्शिता: प्रशासनिक कार्यों में जनता की भागीदारी और फीडबैक को महत्व देना।
अंत में, यह पहल न केवल प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करती है, बल्कि नई पीढ़ी को सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति भी संवेदनशील बनाती है। चांदनी जैसे युवा जब प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझते हैं, तो वे समाज में बदलाव के वाहक के रूप में उभरते हैं। मिशन शक्ति का यह प्रयास निश्चित रूप से एटा की अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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